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तुर्की की इस्राईल को चेतावनी

तुर्की की इस्राईल को चेतावनी

तुर्की के विदेश मंत्री मौलूद चाऊश ओग़लू ने क़ुद्स के अतिग्रहणकारी शासन को चेतावनी देते हुए कहा कि तुर्की इस शासन को बैतुल मुक़द्दस की आबादी की संरचना नहीं बदलने देगा।

मौलूद चाऊश ओग़लू ने स्वशासित फ़िलिस्तीनी प्रशासन के विदेश मंत्री रियाज़ मालेकी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि 1967 की अतिग्रहित भूमि पर पूर्वी क़ुद्स की राजधानी वाले देश का गठन न सिर्फ़ यह कि फ़िलिस्तीनियों के सामने एक मात्र विकल्प है बल्कि ऐसी ज़रूरत है जो जल्द से जल्द पूरी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि क़ुद्स की स्थिति को एकपक्षीय कार्यवाही के ज़रिए नहीं बदला जा सकता। हम ऐसा होने नहीं देंगे।

तुर्की की ओर से ऐसे हालात में यह बयान सामने आया है कि पिछले दो दशकों के दौरान उसने फ़िलिस्तीन के संबंध में हमेशा दोहरा व्यवहार अपनाया है। एक ओर तुर्की यह दर्शाता है कि वह फ़िलिस्तीनियों का समर्थक है तो दूसरी ओर उसने ज़ायोनी शासन से इस हद तक संबंध बना रखे हैं कि वह तुर्की का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और इसी संबंध की वजह से तुर्की अमरीका से सुरक्षा क्षेत्र में भी मज़बूत संबंध बनाए हुए है।

ऐसा लगता है कि तुर्की फ़िलिस्तीनियों के समर्थन में इस तरह के बयान के ज़रिए अरब जगत के जनमत का ध्यान बांटना चाहता है और दूसरी ओर ज़ायोनी शासन और उसके समर्थकों से ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा उठाना चाहता है। तुर्की के इस तरह के व्यवहार का सबसे ज़्यादा नुक़सान फ़िलिस्तीनी जनता और उसके अपनी भूमि की स्वाधीनता व भविष्य के निर्धारण के अधिकार से संबंधित दावों को पहुंचेगा।


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