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जीने की कला

जीने की कला

हज़रत अली अलैहिस्सलाम का कहना है कि जिस व्यक्ति के दो दिन बराबर हों उसने नुक़सान उठाया। यदि आज का दिन उसके कल के दिन से बदतर हो तो उसने विश्वासघात किया है।

समय प्रबंधन का तात्पर्य समय के कुशलतापूर्वक प्रयोग से है ताकि इसका सबसे ज्यादा फायदा हो सके। यह जितना आसान लगता है उतना ही इस तकनीक का पालन करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। जो यह सीख गया कि समय का प्रबंधन कैसे किया जाता है यह सीख गया तो वह जीवन में लगभग सबकुछ हासिल कर सकता है।

ऐसा कहा जाता है कि सफलता की दिशा में पहला कदम कुशल समय प्रबंधन है। जो अपने समय की ठीक से व्यवस्था नहीं कर सकता है वह हर चीज में विफल हो जाता है। कुशल समय प्रबंधन आपकी उत्पादकता बढ़ाता है, काम की गुणवत्ता सुधारता है और तनाव कम करने में भी मदद करता है। इस विषय पर आपकी मदद करने के लिए हमने समय प्रबंधन पर विभिन्न शब्द सीमा के निबंध उपलब्ध करवाएं हैं।

इंसान की हमेशा से यह कामना होती है कि वह अपना जीवन बदले और बेहतर मार्ग की ओर आगे बढ़े। लेकिन यहां पर यह जानना आवश्यक है कि जीवन शैली में तब तक परिवर्तन पैदा नहीं हो सकता जब तक हम स्वयं में कोई परिवर्तन न करें। हमारे जीवन में उसी समय परिवर्तन होता है जब हम अपने विकास और अपनी सोच को महत्व देते हैं। वैचारिक विकास, अध्यात्मिक विकास, शिष्टाचारिक प्रगति और दक्षता में विकास, इन सब पर ध्यान देना आवश्यक है।

समय हम सभी के लिए अमूल्य है। हमें समय की प्रत्येक सैकेंड का मूल्य समझने के साथ ही इसके महत्व का सम्मान करना चाहिए। हमें जीवन के अन्त तक समय के एक पल को भी बर्बाद नहीं करना चाहिए। समय इस संसार में सभी से बहुत ही ताकतवर और शक्तिशाली है। यह एक आलसी व्यक्ति को नष्ट कर सकने के साथ ही कठिन परिश्रम करने वाले व्यक्ति को ताकत देता है। यह किसी को भी बहुत सी खुशियाँ, आनंद और समृद्धि देता है हालांकि, यह किसी का सबकुछ छीन भी सकता है।

हमें हर पल समय से नियमितता, निरंतरता और प्रतिबद्धता सीखनी चाहिए। यह बिना किसी अवरोध के निरंतर चलता रहता है। हमें भी जीवन में वास्तविक सफलता प्राप्त करने के लिए समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की कोशिश करनी चाहिए। इसके बारे में सही कहा जाता है कि, “यदि हम समय को बर्बाद करेंगे तो समय हमें और हमारे जीवन को बर्बाद कर देगा।” हमें समय के मूल्य को समझना चाहिए और इसके साथ चलना चाहिए, क्योंकि समय किसी के लिए नहीं रुकता है।

अपनी पहचान, अपनी क्षमताओं और योग्यताओं को निखारने का परिणाम जीवन में निखार और उसको आगे बढ़ाने के रूप में निकलता है। अलबत्ता यह काम सरल और आसान नहीं है बल्कि इसके लिए मज़बूत इरादे, प्रयास और निरंतर कोशिश की आवश्यकता होती है। जब कोई व्यक्ति उतार चढ़ाव भरे रास्ते को गुज़ारने के बाद क्षमता या योग्यता हासिल करता है या अपने दृष्टिगत लक्ष्य को प्राप्त कर लेता है  उसके भीतर सफलताएं जोश मारने लगती हैं और उसे भीतर से ख़ुशी महसूस होती है, उसका आत्म सम्मान बढ़ जाता है और वह भीतर भीतर आसमानों में पेंगे मारने लगता है, इसी का नाम है जीवन में परिवर्तन,  अर्थात वह भीतर से बेहतर जीवन का एहसास करने लगता है।

हर व्यक्ति को अपने लक्ष्यों तक पहुंचने और सफलता हासिल करने के लिए एक कार्यक्रम की आवश्यकता होती है और उसे अपने समय का सही प्रबंधन करना पड़ता है। निश्चित रूप से समय पर ध्यान दिए बिना और समय का सही प्रबंधन किए बिना कोई भी सफलता की सीढ़िया तय नहीं कर सकता। यही कारण है कि इंसान को बेहतर जीवन व्यतीत करने के लिए समय का सही ढंग से प्रबंध करना चाहिए।

समय पृथ्वी पर सबसे कीमती वस्तु है, इसकी तुलना किसी से भी नहीं की जा सकती है। यदि एकबार यह चला जाए, तो कभी वापस नहीं आता। यह हमेशा आगे की ओर सीधी दिशा में चलता है और न कि पीछे की ओर। इस संसार में सब कुछ समय पर निर्भर करता है, समय से पहले कुछ भी नहीं होता है। कुछ भी करने के लिए कुछ समय की आवश्यकता होती है। यदि हमारे पास समय नहीं है, तो हमारे पास कुछ भी नहीं है। समय को नष्ट करना इस पृथ्वी पर सबसे बुरी चीज मानी जाती है क्योंकि, समय की बर्बादी हमें और हमारे भविष्य को बर्बाद करती है। हम कभी भी बर्बाद किए हुए समय को फिर से प्राप्त नहीं कर सकते हैं। यदि हम अपना समय बर्बाद कर रहे हैं, तो हम सब कुछ नष्ट कर रहे हैं।

कुछ लोग समय से ज्यादा अपने धन को महत्व देते हैं हालांकि, सत्य तो यही है कि समय से ज्यादा कीमती कुछ भी नहीं है। यह समय ही है, जो हमें धन, समृद्धि और खुशी प्रदान करता है हालांकि, इस संसार में कुछ भी समय को नहीं दे सकता। समय का केवल उपयोग किया जा सकता है; कोई भी समय को खरीद या बेच नहीं सकता। बहुत से लोग अपना जीवन अर्थहीन ढंग से जी रहे हैं। वे समय का उपयोग केवल अपने दोस्तों के साथ खाने, खेलने या अन्य आलसी क्रियाओं को करने में करते हैं। इस तरह से वे दिन और वर्षों को व्यतीत करते हैं। वे कभी भी नहीं सोचते कि, वे क्या कर रहे हैं, किस तरीके से कर रहें हैं, आदि। यहाँ तक कि, उन्हें गलत तरीके से समय को बर्बाद करने का भी पश्चाताप भी नहीं होता और कभी उसके लिए अफसोस महसूस नहीं करते हैं। अप्रत्यक्ष रुप से, वे अपना बहुत सा धन और उससे भी अधिक महत्वपूर्ण समय खो देते हैं, जिसे वे कभी भी वापस प्राप्त नहीं कर सकते हैं।

हमें दूसरों की गलतियों से सीखने के साथ ही दूसरों की सफलता से प्रेरित होना चाहिए। हमें अपने समय का उपयोग कुछ उपयोगी कामों को करने में करना चाहिए ताकि, हमें समय समृद्धि दे, न कि नष्ट करे।

हमने आपको समय के प्रबंधन में पायी जाने वाली रुकावटों के बारे में बताया था। हमने आपको बताया था कि समय के प्रबंधन और काल के सही प्रयोग में सबसे महत्वपूर्ण रुकावट, अवास्तविक और बड़े बड़े लक्ष्य रखना या ऊंचे ऊंचे सपने देखना हैं। बुद्धिजीवियों का मानना है कि समय के प्रबंधन के न होने का एक महत्वपूर्ण कारण, लोगों में प्राथमिकता देने और फ़ैसला करने की कला का न होना है।  "ना" कहने में कमज़ोरी भी विशेषज्ञों की नज़र में समय के प्रबंधन को बाधित करने का कारण बनती है। हमने आपको यह भी बताया था कि सुस्ती भी समय के प्रबंधन में बहुत बड़ी रुकावट है। यदि हम इन सभी रुकावटों को दूर कर लें तो हम अपने समय का सही ढंग से प्रबंधन कर सकते हैं।

समय प्रबंधन के मामलों के विशेषज्ञ इस बात पर ध्यान देते हैं कि समय प्रबंधन के लिए निश्चित रूप से तीन मुख्य बातों पर ध्यान देना अतिआवश्यक है।  सबसे पहले हमें अपनी स्थिति को सही ढंग से पहचानना चाहिए, फिर अपने लक्ष्य को निर्धारित करना चाहिए और तीसरे स्थान पर हमें अपना मापदंड निर्धारित करना होगा और उसके बाद इसी मापदंड के आधार पर अपने कार्यक्रम का मूल्यांकन करना होगा। कार्यक्रम में मौजूद संभावनाओं और स्थिति को पहचानना बहुत महत्वपूर्ण है। जब हमको यह समझ में आ जाएगा कि कहां पर खड़े हों, किस रास्ते पर हैं तो हम कार्यक्रम के लिए अपनी स्थिति को सही ढंग से परख सकते हैं।

समय प्रबंधन के मामलों के विशेषज्ञ यह सुझाव देते हैं कि मौजूद स्थिति को पहचानने के लिए आवश्यक है कि हर काम से पहले हम दिन भर जो काम करते हैं उसे एक काग़ज़ पर लिखे, आपके लिखने से यह समझ में आ जाएगा कि हर काम के लिए आपने कितना समय विशेष किया है और आपकी समझ में यह आ जाएगा कि क्या आपने अपने समय का सही ढंग से प्रयोग किया है, आप अपने बर्बाद किए समय का पता कर सकते हैं और उन्हें लाभदायक ढंग से प्रयोग कर सकते हैं।

कार्यक्रम बनाना, सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी है जो समय के सही ढंग से प्रयोग के लिए आवश्यक है। अधिक से अधिक काम करने और अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए सही ढंग से कार्यक्रम बनाया जाना ज़रूरी है। इस्लामी शिक्षाओं में आया है कि हर मनुष्य अपने जीवन में कार्यक्रम बनाकर अपने समय का सही ढंग से प्रयोग करे ताकि उसका हर दिन पिछले दिन से बेहतर हो। यदि उसका आज का दिन पिछले दिन के समान हो तो उसने नुक़सान उठाया है। वह आगे की ओर नहीं बढ़ रहा है बल्कि जहां पर कल था, वहीं पर ही आज है। इस हवाले से हज़रत अली अलैहिस्सलाम का कथन है कि जिस व्यक्ति के दो दिन बराबर हों उसने नुक़सान उठाया। यदि आज का दिन उसके कल के दिन से बदतर हो तो उसने विश्वासघात किया है। हज़रत अली अलैहिस्सलाम आगे की ओर बढ़ने वाले व्यक्ति की सराहना करते हुए कहा है कि उस व्यक्ति बनने का प्रयास करना चाहिए जिसका आज कल से बेहतर हो।

हज़रत अली अलैहिस्सलाम की यह बात समय के सही ढंग से प्रयोग के महत्व को दर्शाते हैं। हम सही कार्यक्रम बनाकर अपने दिन, साल और महीनों को व्यवस्थित कर सकते हैं और इस प्रकार हम न केवल यह कि प्रगति कर सकते हैं कि ईश्वर की अधिक से अधिक उपासना करके उसका सामिप्य भी प्राप्त कर सकते हैं।

यहां पर यह बात कहना आवश्यक है कि कार्यक्रम के निर्धारण का अर्थ काम की समाप्ति नहीं हैं बल्कि एक शुरुआत और एक महत्वपूर्ण हरकत है। व्यक्ति को अपना इरादा मज़बूत करना चाहिए और अपने प्रयासों को तेज़ करना चाहिए उसे सुस्ती, आलस्य और आज का काम कल पर छोड़ने जैसे काम जो समय के प्रबंधन में महत्वपूर्ण रुकावट हैं, दूर करना चाहिए और लगन से तथा मन लगाकर काम करना चाहिए।


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