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ज़रूरत पड़ने पर सीरिया में अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती हैः अमेरिकी रक्षामंत्री

ज़रूरत पड़ने पर सीरिया में अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती हैः अमेरिकी रक्षामंत्री

एस्पर ने कहा कि अगर नेटो का एक सदस्य देश 50 सैनिक हमें देने का निर्णय करे तो हम 50 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुला सकते हैं।

अमेरिका आतंकवाद से मुकाबले के बहाने वर्ष 2014 से ग़ैर कानूनी रूप से सीरिया में मौजूद है और अभी कुछ समय पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया से अमेरिकी सैनिकों के निकालने का दावा किया था परंतु उसके बावजूद नई ज़िम्मेदारियों के बहाने अमेरिका ने सीरिया में अपने सैनिकों की मौजूदगी में वृद्धि कर दी है।

अमेरिकी युद्धमंत्री मार्क एस्पर ने सीरिया के पूर्वोत्तर से अमेरिकी सैनिकों के एक दल के वापस जाने की प्रक्रिया के पूरा हो जाने की घोषणा की और बल देकर कहा कि लगभग 600 अमेरिकी सैनिक सीरिया के दूसरे क्षेत्रों में यथावत बने रहेंगे और ज़रूरत पड़ने पर उनकी संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।

उन्होंने कहा कि अगर वाशिंग्टन के घटक सीरिया में अमेरिकी कार्यवाहियों में भाग लेंगे तो अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम हो सकती है। एस्पर ने कहा कि अगर नेटो का एक सदस्य देश 50 सैनिक हमें देने का निर्णय करे तो हम 50 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुला सकते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जारी वर्ष के अक्तूबर महीने के आरंभ में सीरिया से अमेरिकी सैनिकों के निकाले जाने का आदेश दिया था। उस समय से लेकर अब तक लगभग चालिस प्रतिशत अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम हुई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यद्पि पिछले साल से अब तक हमेशा सीरिया से अमेरिकी सैनिकों के निष्कासन पर बल दिया है परंतु साथ ही उन्होंने कुछ अमेरिकी सैनिकों को सीरिया में बाकी रखने पर बल दिया है विशेषकर सीरिया के तेल और ऊर्जा वाले क्षेत्रों में और यह एसा विषय है जो सीरिया से अमेरिकी सैनिकों के वापस बुलाये जाने से खुला विरोधाभास रखता है।

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लंदन में नेटो के शिखर सम्मेलन के अवसर पर कहा है कि दाइश सीरिया के तेल पर नियंत्रण करने के प्रयास में था पंरतु इस समय सीरिया के तेल पर पूरी तरह हमारा नियंत्रण है और हमारे वही सैनिक सीरिया में मौजूद हैं जो सीरिया के तेल की रक्षा कर रहे हैं। सीरिया का तेल हमारे हाथों में है और हम जो चाहें उससे करें।

बहरहाल अमेरिका ग़ैर कानूनी रूप से वर्ष 2014 से सीरिया में आतंकवादी गुट दाइश से मुकाबले के बहाने मौजूद है।

रोचक बात यह है कि सीरिया के बुलाये बिना अमेरिकी सैनिक वहां मौजूद हैं और सीरिया ने इस ग़ैर कानूनी उपस्थिति की भर्त्सना भी की है और इसे अपनी संप्रुभता का उल्लंघन बताया है और राष्ट्रसंघ में सीरियाई राजदूत बश्शार जाफ़री ने बल देकर कहा है कि अमेरिका ने सीरिया के तेल के कुओं का अतिग्रहण कर रखा है और सुरक्षा परिषद मौन धारण किये हुए है और अमेरिका सीरियाई राष्ट्र की सम्पत्ति चुरा रहा है।


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