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ज़रीफ़ की गोपनीय बातचीत के ऑडियो टेप को तोड़-मरोड़ कर और ग़ैर-क़ानूनी रूप से लीक किया गया है, ईरानी विदेश मंत्रालय

ज़रीफ़ की गोपनीय बातचीत के ऑडियो टेप को तोड़-मरोड़ कर और ग़ैर-क़ानूनी रूप से लीक किया गया है, ईरानी विदेश मंत्रालय

ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ का रविवार को जो ऑडियो टेप लीक हुआ है, वह कोई मीडिया को दिया गया इंटरव्यू नहीं था, बल्कि एक गोपनीय चर्चा का हिस्सा था, जिसे ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से प्रकाशित किया गया है, और यह किसी भी तरह से ईरान के आधिकारिक रुख़ को बयान नहीं करता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद ख़तीबज़ादे ने सोमवार को साप्ताहिक प्रेस कांफ़्रेंस को संबोधित करते हुए उल्लेख किया कि यह कोई इंटरव्यू नहीं था, बल्कि यह एक नियमित और गोपनीय चर्चा का हिस्सा था, जैसा कि किसी भी प्रशासन में होता है।

ख़तीबज़ादे का कहना था कि दोनों पक्ष बातचीत को गोपनीय रखने पर सहमत हुए थे। इससे पहले रविवार को ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा था कि लीक हुई रिकॉर्डिंग सात घंटे के संवाद पर आधारित थी, जिसे काट छांट कर तीन घंटे का कर दिया गया।

ग़ौरतलब है कि 24 फ़रवरी को ज़बानी इतिहास के तौर पर ईरानी अर्थशास्त्री सईद लैलाज़ के साथ ज़रीफ़ की यह बातचीत रिकॉर्ड की गई थी, जिसे पहली बार लंदन स्थित टेलीविज़न चैनल ईरान इंटरनेशनल ने लीक किया था, जो सऊदी अरब द्वारा वित्त पोषित है।

ख़तीबज़ादे का कहना था कि साक्षात्कार टीम और ऑपरेटरों का चयन करने और फ़ाइलों को रखने में विदेश मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं होती है। उन्होंने यह भी कह कि हम नहीं जानते कि यह किसने और किस मक़सद से किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के रुख़ को, दो लोगों की गोपनीय बातचीत के चयनित भाग के माध्यम से दर्शाना नहीं जा सकता है।

ग़ौरतलब है कि ज़रीफ़ की यह बातचीत, ईरान के कुछ आंतरिक मुद्दों और नीतियों पर आधारित थी, जिसे तोड़-मरोड़ कर और ग़ैर-क़ानूनी रूप से लीक किया गया है। 


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