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जब इस्राईल को ज़हर के बाद दवा भेजने पर मजबूर होना पड़ा... फिलिस्तीनी नेताओं की हत्या की डाक्यूमेंट्री इस्राईली टीवी पर

जब इस्राईल को ज़हर के बाद दवा भेजने पर मजबूर होना पड़ा... फिलिस्तीनी नेताओं की हत्या की डाक्यूमेंट्री इस्राईली टीवी पर

इस्राईली टीवी ने फिलिस्तीन और हिज़्बुल्लाह के नेताओं की हत्या की एक डाक्यूमेंट्री प्रसारित की है जिसके बाद एक बार फिर, इस्राईल द्वारा अपने विरोधियों की हत्या का मुद्दा, चर्चा का विषय बन गया है।

 इस्राईल के चैनल़-13 ने चालीस मिनट की अपनी एक रिपोर्ट में पहली बार लेबनान और फिलिस्तीन के नेताओं की हत्या का रहस्य खोला है।

     इस रिपोर्ट में जेहादे इस्लामी फिलिस्तीन के संस्थापक फत्ही शेक़ाक़ी की हत्या, हमास के वरिष्ठ नेता खालिद मशअल की हत्या की नाकाम कोशिश, महमूद अलमबहूह और हिज़्बुल्लाह के महासचिव अब्बास मूसवी की हत्या पर प्रकाश डाला गया है।

     इस्राईली टीवी पर प्रसारित होने वाली इस रिपोर्ट के आरंभ में बताया गया है कि इस्राईल पश्चिम के किसी भी पक्ष से अधिक, विरोधियों की हत्या करता है। उदाहरण स्वरूप ईरान के उन परमाणु वैज्ञानिकों के फोटो दिखाये गये जिन्हें शहीद कर दिया गया है।

    

फत्ही शेक़ाक़ी की हत्याः

इस्राईली टीवी की रिपोर्ट में फत्ही शेक़ाक़ी को एक असाधारण सैन्य कमांडर और चमत्कारिक व्यक्तित्व वाला नेता बताया गया है। इस्राईली टीवी ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि फत्ही शेक़ाक़ी की हत्या की एकमात्र गवाह एक महिला है जो अब भी जीवित है। जब इस्राईल की खुफिया एजेन्सी मोसाद के एजेन्ट, फत्ही शेक़ाक़ी पर गोली चला रहे थे तो यह महिला उनसे कुछ सेंटीमीटर की दूरी पर खड़ी थी। रिपोर्ट में इस महिला को घटना के बारे में ब्योरा देते हुए दिखाया गया है

     इस्राईल के चैनल -13 पर इस्राईल के खिलाफ विभिन्न क्षेत्रों में की जाने वाली कार्यवाहियों का उल्लेख किया गया है फिर रिपोर्टर ने कुछ घटनाओं के बारे में बताया कि उनकी ज़िम्मेदारी, फत्ही शेक़ाक़ी  ने स्वंय ली थी। रिपोर्ट में फत्ही शेक़ाकी को भाषण देते हुए दिखाया गया है जिसमें वह यह कह रहे हैं कि वास्तविक शांति उसी समय स्थापित होगी जब इस्राईल खत्म हो चुका हो।

     इसी दौरान, मोसाद के तत्कालीन प्रमुख " शफताई शाफीत " ने इस्राईली नेताओं से मिल कर फत्ही शेक़ाक़ी की हत्या के लिए अनुमति प्राप्त कर ली और मोसाद के एजेन्ट, दमिश्क़ पहुंच गये जहां वह रहते थे किंतु अचानक ही इस्राईली सेना के खुफिया विभाग के प्रमुख " ओरी सागी" ने फत्ही शेक़ाक़ी की दमिश्क़ में हत्या का विरोध कर दिया जिसकी वजह से यह अभियान स्थगित कर दिया गया और मोसाद, फत्ही शेक़ाक़ी को किसी दूसरी जगह मारने के प्रयास में जुट गया लेकिन चूंकि फत्ही शेक़ाक़ी सुरक्षा विशेषज्ञ थे इस लिए उन्हें घेरना मोसाद के लिए आसान नहीं था।

  एक बार मोसाद को पता चला कि फत्ही शेक़ाक़ी, लीबिया की यात्रा करने वाले हैं। मोसाद ने सीरिया से लीबिया जाने वाले सभी मार्गों पर कड़ी नज़र रखना शुरु कर दी। मोसाद के एजेन्ट, माल्टा एयरपोर्ट पर उनका इंतेज़ार कर रहे थे और जब वह पूरी तरह से निराश हो चुके थे तभी उन्हें अकेला बैठा हुआ एक व्यक्ति नज़र आया जिसने विग लगा रखी थी। वह उसे पहचान गये, वह फत्ही शेक़ाक़ी थे। इन एजेन्टों ने उनका पीछा किया। उन्होंने 26 सितंबर सन 1995 को माल्टा के एक होटल में एक कमरा बुक किया और रात में जब इस द्वीप के एक माल में कुछ खरीदारी के लिए गये तो अचानक ही मोटर साइकिल पर सवार दो लोग उनके निकट पहुंचे और उन्हें छे गोली मारी जिससे वह घटनास्थल पर ही शहीद हो गये।

 

खालिद मशअल की हत्या की नाकाम कोशिश

इस्राईली टीवी की इस रिपोर्ट में हमास के वरिष्ठ नेता खालिद मशअल की हत्या की नाकाम कोशिश पर भी प्रकाश डाला गया है। सन 1997 में जब खालिद मशअल, जार्डन में थे तो मोसाद के एजेन्टों ने उनपर ज़हर डाल कर उन्हें मारने का प्रयास किया। यह लोग वही थे जिन्हेंने फत्ही शेक़ाकी की हत्या की थी। इस हत्या के दो साल बाद उसी टीम को हमास के नेता खालिद मशअल की हत्या के लिए जार्डन भेजा गया था। हत्या की यह कोशिश, खालिद मशअल के बाडीगार्डो ने नाकाम बना दी और मोसाद के एजेन्ट, ज़हर को पूरी तरह से खालिद मशअल के शरीर में नहीं पहुंचा पाए किंतु फिर खालिद मशअल की दशा गंभीर हो गयी मगर जार्डन के तत्कालीन नरेश, हुसैन बिन तलाल ने इस्राईल को धमदी दी जिसके बाद इस्राईल ने स्वंय ही उस ज़हर की दवा भेजी जो उसने खालिद मशअल के शरीर में पहुंचायी थी। दवा के बाद खालिद मशअल की हालत सुधरने लगी और अब  तो  वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं।

 इस्राईली विशेषज्ञों ने इस रिपोर्ट में कहा है कि खालिद मशअल की हत्या के अभियान में मोसाद से एक बहुत बड़ी गलती हुई थी जिसकी वजह से यह अभियान नाकाम रही। मोसाद की गलती यह थी कि उसने इटली के माल्टा में और जार्डन में अंतर को नहीं समझा और वास्तव में इस कार्यवाही के लिए सही जगह का चयन नहीं कर पाया।

 

    

मबहूह की हत्या

     इस्राईली टीवी चैनल की डाक्यूमेंट्री में हमास के नेता और अलक़स्साम ब्रिगेड के संस्थापक मुहम्मद मबहूह की हत्या पर भी चर्चा की गयी है। उन्हें सन 2010 में दुबई के एक होटल में मार दिया गया था।

इस हत्या के लिए मोसाद के 30 एजेन्ट दुबई गये थे लेकिन चूंकि सब के चेहरे दुबई के विभिन्न स्थानों में लगे कैमरों में आ गये थे इसी लिए उन्हें फिर मोसाद के किसी अन्य अभियान में शामिल नहीं किया गया।

   

हिज्बुल्लाह के संस्थापक सैयद अब्बास मूसवी की हत्या

    रिपोर्ट में हिज्बुल्लाह के संस्थापक सैयद अब्बास मूसवी की हत्या के बारे में भी चर्चा की गयी है। फरवरी सन 1992 में दक्षिणी लेबनान में उनकी कार पर इस्राईल के अपाची हेलीकाप्टर ने राकेट फायर किया था जिससे वह स्वंय, उनकी पत्नी और बच्चे शहीद हो गये थे।

  इस्राईली टीवी चैनल-13 की रिपोर्ट में कहा गया है कि बहुत से लोगों की हत्या के बाद काफी समय बाद उन जैसा कोई दूसरा सामने आता है अब्बास मूसवी भी वैसे ही थे, उनकी हत्या का इस्राईल पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ा।

    डाक्यूमेंट्री में एक इस्राईल विशेषज्ञ यह कहता हुआ नज़र आता है कि "  हिज़्बुल्लाह के संस्थापक अब्बास मूसवी की जगह संभालने वाले सैयद हसन नसरुल्लाह काफी शक्तिशाली हैं, हमें ने मूसवी की हत्या की लेकिन उनसे बदतर आदमी अर्थात हसन नसरुल्लाह  हमारे सामने खड़े हो गये।"


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