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जनरल क़ासिम सुलेमानी की हत्या की साज़िश कैसे रची गई, कैसे इसे अंजाम दिया गया और कौन लोग थे शामिल?

जनरल क़ासिम सुलेमानी की हत्या की साज़िश कैसे रची गई, कैसे इसे अंजाम दिया गया और कौन लोग थे शामिल?

एक अमरीकी वेबसाइट में, अमरीकी आतंकियों के हाथों ईरान की क़ुद्स फ़ोर्स के पूर्व कमांडर जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या से जुड़े पहलुओं का पर्दाफ़ाश हुआ है।

याहू वेबसाइट ने जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या के बारे में एक रिपोर्ट में बताया कि उनकी हत्या में ज़ायोनी अधिकारियों और इराक़ के कुर्दिस्तान इलाक़े के अधिकारियों के बीच साठ गांठ हुयी थी।

इस तफ़सीली रिपोर्ट में ज़ायोनी शासन और इराक़ी कुर्दिस्तान के सुरक्षा अधिकारियों के बीच साठ गांठ के आयाम के उल्लेख के साथ आया है कि जनरन सुलैमानी की हत्या के ऑप्रेशन का आने वाले बरसों में जो बाइडेन की अध्यक्षता में अमरीका की मौजूदा सरकार की रणनैतिक स्थिति पर असर पड़ेगा।

इस रिपोर्ट के आरंभ में जिसे जैक मर्फ़ी और ज़ेक ड्वार्फ़मन ने तैय्यार की है, आया हैः “पिछले साल जनवरी में डेल्टा फ़ोर्स के अधिकारियों की तीन टीमें, बग़दाद इंटरनैश्नल एयरपोर्ट में गुप्त जगह से अपनी दूरबीनों से आस-पास की जगहों की निगरानी कर रही थी और अपने लक्ष्य ईरान के सबसे प्रभावशाली कमांडर जनरल क़ासिम सुलैमानी का इंतेज़ार कर रही थीं। टीम के सदस्य बिल्डिंग बनाने वाले मज़दूरों के लेबास में पुरानी इमारतों या सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों में छिपे हुए थे।”

इस वेबसाइट की रिपोर्ट में आगे आया हैः एक रात बहुत ठंड थी। आसमान में बादल छाए हुए थे और एयरपोर्ट का दक्षिणी भाग अमरीकियों की ओर से जारी नोटिस की वजह से सैन्य ऑप्रेशन के लिए बंद था, अलबत्ता इराक़ी सरकार को यह बताया गया था। स्नाइपरों की तीन टीमें हत्या की जगह से 500 से 800 मीटर की दूरी पर तैनात थीं। वह जगह एयरपोर्ट में दाख़िल होने वाली सड़क थी। ये टीम इस तरह तैनात थी कि अपने टार्गेट को एयरपोर्ट से निकलते वक़्त एक त्रिकोण में घेर ले। एक स्नाइपर का कैमरा सीधे तौर पर बग़दाद में अमरीकी दूतावास से कनेक्ट था।

इस रिपोर्ट को लिखने वालों ने आगे बतायाः “सीरिया की राजधानी दमिश्क़ से उड़ान कई घंटे विलंब के बाद आधी रात के बाद 3 जनवरी 2020 को बग़दाद एयरपोर्ट पर उतरी। तीन अमरीकी ड्रोन उसके ऊपर मंडरा रहे थे। जिस वक़्त जहाज़ रनवे से एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहा था कि एयरपोर्ट के कर्मचारी की वर्दी में एक कुर्द अधिकारी ने जहाज़ को रुकने का इशारा किया। जब टार्गेट जहाज़ से बाहर निकला तो कुर्दिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने, जो वहां बैग उठाने वाले कर्मचारियों की वर्दी पहन कर बदले हुए भेस में मौजूद थे, उसे चिन्हित किया।”

एक अमरीकी सैन्य अधिकारी के मुताबिक़, दमिश्क़ एयरपोर्ट में हवाई जहाज़ पर जनरल सुलैमानी के सवार होने से छह घंटे पहले, इस ईरानी जनरल ने तीन बार अपना मोबाइल बदला। तेल अबिब में अमरीकी की ज्वाइंट ऑप्रेश्नल कमान के अधिकारियों ने अपने इस्राईली समकक्षों के साथ, शहीद सुलैमानी के मोबाइल फ़ोन के मॉडल का पता लगाने के लिए सहयोग किया। इस्राईलियों ने शहीद सुलैमानी के मोबाइल नंबर, अमरीकियों को दिए, यहां तक कि उन्होंने शहीद सुलैमानी, उनके पास मौजूद फ़ोन को बग़दाद तक ट्रेस किया।

जैसी ही दो गाड़ियां हत्या की जगह पर पहुंचीं, ड्रोन से गाड़ियों पर हेल मीज़ाईल फ़ायर हुए। दो हेल मीज़ाईल जनरल सुलैमानी की गाड़ी पर लगे, दूसरी गाड़ी के ड्राइवर ने भागने के लिए एक्सेलरेटर दबाया। ड्राइवर, डेल्टा फ़ोर्स के स्नाइपरों की गाड़ी पर फ़ायरिंग से पहले, रुकने पर मजबूर हुआ, क़रीब 90 मीटर आगे बढ़ा। जिस वक़्त गाड़ी रुकी तीसरा हेल मीज़ाईल उस पर लगा।

मर्फ़ी और ड्वार्फ़मन के मुताबिक़, यह रिपोर्ट, अमरीका के 15 मौजूदा  और पूर्व अधिकारियों के इंटर्व्यू पर आधारित है।


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