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चीन के राष्ट्रपति की पकड़ हुई अधिक मज़बूत, आगे भी बने रहेंगे अपने पद पर

चीन के राष्ट्रपति की पकड़ हुई अधिक मज़बूत, आगे भी बने रहेंगे अपने पद पर

चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी ने एक प्रस्ताव पारित करके इस देश के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के कार्यों की सरहाना की है।

चीन में सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना ने गुरुवार को एक उच्च स्तरीय सम्मेलन में एक अहम प्रस्ताव पारित किया है।

चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी ने इस सम्मेलन में जिनपिंग के नेतृत्व और उनके व्यक्तित्व की सराहना की है।  सत्र का समापन होने के बाद पार्टी ने एक 14 पन्नों का संवाद पत्र जारी किया है।  इसमें चीन के वर्तमान राष्ट्रपति जिनपिंग को माओत्से तुंग और डेंग शायोपिंग के बाद चीन का सबसे प्रभावशाली नेता घोषित किया गया है।

कम्युनिस्ट पार्टी का कहना है कि जिनपिंग के नेतृत्व में चीन में समाजवाद के एक नए युग की शुरुआत हुई है। जानकारों का कहना है कि इसमें चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के नेतृत्व और पार्टी में उनकी हैसियत के बारे में जिस तरह से बात की गई है उससे पता चलता है कि राष्ट्रपति के तौर पर लगातार दो कार्यकाल पूरे करने के बाद वे अगले साल तीसरी बार भी राष्ट्रपति बने रहेंगे।

चार दिन चले इस सत्र के दौरान एक ऐतिहासिक संकल्प पत्र भी जारी किया गया। सीपीसी अब ऐसा पाठ्यक्रम लाई है जिसके तहत चीन के स्कूल-कॉलेजों में जिनपिंग के विचारों को पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा अब जिनपिंग के खिलाफ बयान देना अपराध माना जाएगा।  जिनपिंग से पहले राष्ट्रपति पद संभालने वाले सभी नेता या तो अधिकतम दो कार्यकाल के लिए पद पर रहे हैं या संविधान के नियम के अनुसार 68 साल की आयु पर सेवानिवृत्त हुए हैं। शी जिनपिंग आगे भी इस पद पर बने रहें इसके लिए साल 2018 में संविधान में संशोधन करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। 


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