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घातक बीमारियां आसान इलाजः बेचैनी और घबराहट की वजह अलग होती है और डिप्रेशन का कारण अलग है दोनों के अलग अलग इलाज हैं जबकि कुछ वनस्

घातक बीमारियां आसान इलाजः बेचैनी और घबराहट की वजह अलग होती है और डिप्रेशन का कारण अलग है दोनों के अलग अलग इलाज हैं जबकि कुछ वनस्

इस्लामी तिब के विशेषज्ञ उसताद अब्बास तबरीज़ियान का विवरण। बेचौनी और स्ट्रेस की वजह है इस्लामी तिब में बताया गया सफ़रावी स्वभाव है। इन लोगों का मिज़ाज गर्म और खुश्क होता है।

इन लोगों को गर्मी ज़्यादा लगती है, एसे लोगों को ग़ुस्सा ज़्यादा आता है और बहुत जल्दी पछतावा भी होने लगता है। रातों को देर से सोते हैं। इन लोगो को इस्लामी और पारम्परिक तिब में सफ़रावी स्वभाव का कहा जाता है। ख़ुर्फ़ा, ख़ुर्फ़ा का बीज, मसूर का सत्तु, सिर्के का प्रयोग करें।

जहां तक डिप्रेशन का सवाल है तो कभी कभी एक ग़लत फ़हमी हो जाती है कि लोग बेचैनी को डिप्रेशन समझ लेते हैं। इंसान को बेचैनी होती है और वह कहने लगता है कि मुझे डिप्रेशन हो रहा है। कभी यह होता है कि इंसान को डिप्रेशन होता है और वह उसे बेचैनी समझता है। डिप्रेशन का संबंध सौदावी स्वभाव से है बेचैनी और घबराहट का संबंध सफ़रावी स्वभाव से है। दोनों के अंतर को समझना ज़रूरी है। अगर बेचैनी और घबराहट है तो यह सफ़रावी स्वभाव की बात है और इसका इलाज वही ख़ुर्फ़ा, ख़ुर्फ़े का बीज, मसुरी का सत्तु तथा सिर्का है जो हमने बताया।

अगर गहरी सोच और डिप्रेशन वाली समस्या है तो इसकी वजह सौदावी स्वभाव है इंसान को सौदावी स्वभाव का इलाज करना चाहिए। इसका एक अच्छ इलाज है अफ़तीमून नाम वनस्पति जिसे हिंदी में अमर बेल और अंग्रेज़ी में डोडर कहते हैं।  

कुछ दवाएं हैं जो दोनों स्वभावों का उपचार करती है इन्हें तब प्रयोग किया जाता है जब डिप्रेशन और घबराहट दोनों के लक्षण दिखाई दें। सत्तु में यह विशेषता है कि दोनों ही प्रकार की समस्याओं का इलाज करता है।


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