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घातक बीमारियां आसान इलाजः नींद न आने के कई कारण हो सकते हैं, इसके कारणों को देखते हुए इसका इलाज करना चाहिए, ख़ुर्फ़ा, खजूर, चुक़

घातक बीमारियां आसान इलाजः नींद न आने के कई कारण हो सकते हैं, इसके कारणों को देखते हुए इसका इलाज करना चाहिए, ख़ुर्फ़ा, खजूर, चुक़

नींद न आने के पीछे कुछ कारण ज़िम्मेदार हैं। नींद न आने के पीछे आम तौर पर सफ़रावी मेज़ाज का हावी होना कारण होता है।

इससे प्रभावित लोगों को रात के पहले पहर में नीदं नहीं आती। ऐसे लोग देर से सोते हैं, उनमें सुबह सोने की इच्छा रहती है। हालांकि ज़्यादा सोने के बावजदू भी एसे लोग सुस्ती महसूस करते हैं। उन्हें लगता है कि और सोने की ज़रूरत है। यह हालत सफ़रावी मेज़ाज के हावी होने की वजह से होती है। सफ़रावी मेज़ाज की इस गर्मी का इलाज ख़ुर्फ़े के साग, ख़ुर्फ़े के बीज और अनार जैसी ठंडी चीज़ों से करना चाहिए। इसी तरह क़ब्ज़ दूर करने वाली चीज़ों का इस्तेमाल इसमें प्रभावी होता है। कभी कभी ख़ून की कमी की वजह से भी नींद नहीं आती है।

ख़ून की कमी को दूर करने के लिए मुरक्कबे शिश नामक दवा के इस्तेमाल से यह मुश्किल दूर हो जाएगी। तरेह नामक वनस्पति खाने से ख़ून बढ़ता है। इसी तरह ख़ून की गर्मी को कम करने वाली दवाओं जैसे मुग़ले अज़रक़ का इस्तेमाल फ़ायदेमंद होता है। मुग़ले अज़रक़ को डेलियम कहते हैं। गोश्त और दूध के इस्तेमाल से यह मुश्किल दूर हो जाती है। ठंडे मेज़ाज के लोगों के जिस्म में जब ख़ून की मात्रा बढ़ जाती है तो वे ज़्यादा सोने लगते हैं।

कभी कभी भूख की वजह से नींद नहीं आती। इसी तरह जिन लोगों की ख़ुराक कम होती है वे लोग देर से सोते हैं। जिन लोगों की ख़ुराक ज़्यादा होती है और वे ज़्यादा पानी पीते हैं, ऐसे लोग ज़्यादा सोते हैं। पैग़म्बरे इस्लाम के पवित्र परिजन के कथन में आया है कि ज़्यादा सोने की वजह ज़्यादा पीना है और ज़्यादा पीना ज़्यादा खाने की वजह से है। अगर ऐसे लोग खजूर खाएं जिससे वह पेट भरा हुआ महसूस करें तो आसानी से सो सकेंगे। इसी तरह इस्लामी तिब में काहू और चुक़न्दर के पत्ते के इस्तेमाल की भी सिफ़ारिश की गयी है, क्योंकि इनके खाने से नींद अच्छी आती है।


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