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ग़ज़्ज़ा जंग ने बदले हालात, फ़िलिस्तीनी प्रशासन का जनाधार हुआ कमज़ोर, इस्लामी जागरूकता के काल के लगे नारे, हालात कंट्रोल से बाहर...

ग़ज़्ज़ा जंग ने बदले हालात, फ़िलिस्तीनी प्रशासन का जनाधार हुआ कमज़ोर, इस्लामी जागरूकता के काल के लगे नारे, हालात कंट्रोल से बाहर...

वेस्ट बैंक में स्वाशासित फ़िलिस्तीनी प्रशासन की जेल में क़ैद 11 फ़िलिस्तीनियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

शुक्रवार को दसियों हज़ार लोगों ने फ़िलिस्तीन के सक्रिय कार्यकर्ता नेज़ार बनात की शवयात्रा में भाग लिया और फ़िलिस्तीनी सरकार और महमूद अब्बास के ख़िलाफ़ नारे लगाए।

फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार पश्चिमी तट के दसियों हज़ार फ़िलिस्तीनियों ने सामाजिक कार्यकर्ता नेज़ार ख़लील मुहम्मद बेनात की शवयात्रा में भाग लिया जो फ़िलिस्तीनी प्रशासन के पुलिसकर्मियों के हाथों मारे गये थे।

अरब-48 वेबसाइट के अनुसार हमास सहित फ़िलिस्तीनी गुटों ने फ़िलिस्तीनी कार्यकर्ता की शवयात्रा में भाग लेने की अपील की थी जिसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने शवयात्रा में भाग लिया और फ़िलिस्तीनी प्रशासन तथा महमूद अब्बास के ख़िलाफ़ नारे लगाए।

सोशल मीडिया पर सक्रिय कार्यकर्ताओं ने भी फ़िलिस्तीनियों से शवयात्रा में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की थी और इस अपराध का विरोध करने का अह्वान किया था।
जुमे की नमाज़ के बाद दक्षिणी ख़लील क्षेत्र की मस्जिद के बाहर से कार्यक्रम शुरु हुए और शवयत्रा में शामिल युवा जोश में आ गये और उन्होंने, हे नेज़ार, हे घायल, तेरा ख़ून बर्बाद नहीं होगा, हे नेज़ार, हे हीरो, तुझे घर के बाहर की मार डाला, धिक्कार हो फ़िलिस्तीनी प्रशासन पर जिसने नेज़ार की हत्या कर दी, जैसे नारे लगाए।

रिपोर्ट में बताया गया है कि शवयात्रा के दौरान फ़िलिस्तीनी युवा ने सरकार के विरुद्ध नारे लगाते हुए कहा कि जनता, यह सरकार नहीं चाहती। यह वही नारा है जो अरब देशों में तानाशाहों के विरुद्ध इस्लामी जागरूकता के दौरान जनता लगा रही थी। फ़िलिस्तीन की जनता ने नारे लगाए कि महमूद अब्बास सत्ता से हटो यह जनता की मांग है।

फ़िलिस्तीनी कार्यकर्ता नेज़ार बेनात की गिरफ़्तार और उनकी मौत की ख़बर फैलते ही जनता में आक्रोश व्याप्त हो गया और हमास तथा जेहादे इस्लामी सहित प्रतिरोध के आंदोलनों ने फ़िलिस्तीनी प्रशासन की इस कार्यवाही की निंदा की जबकि यूरोपीय संघ और अमरीकी विदेशमंत्रालय ने भी इस कार्यवाही की निंदा करते हुए इस मामले की जांच की मांग की है।

दूसरी ओर अलमसीरा टीवी चैनल के मुताबिक़, अतिग्रहित वेस्ट बैंक के नाब्लस में फ़िलिस्तीनी सूत्रों ने 11 फ़िलिस्तीनी जवानों के, स्वशासित फ़िलिस्तीनी प्रशासन की जेलों में भूख हड़ताल करने की सूचना दी है। इन फ़िलिस्तीनियों को कई हफ़्ते पहले गिरफ़्तार किया गया है।

गिरफ़्तार किए गए फ़िलिस्तीनियों के परिवार वालों का कहना है कि जबसे इन फ़िलिस्तीनियों को क़ैद किया गया है, उन्हें बहुत ज़्यादा यातना दी जा रही है और उनकी हालत बहुत ख़राब है।

फ़िलिस्तीनी सूत्रों के मुताबिक़, इन फ़िलिस्तीनियों को क़ुद्स की तलवार ऑप्रेशन के आग़ाज़ के वक़्त से गिरफ़्तार किया गया है। ये फ़िलिस्तीनी उरैफ़ गांव के निवासी है।

ग़ौरतलब है कि कुछ हफ़्तों के दौरान, स्वशासित फ़िलिस्तीनी प्रशासन की जेल में यातना से 15 फ़िलिस्तीनी शहीद हो चुके हैं।


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