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क्या वजह है कि आर्मीनिया ईरान के साथ अपने संबंधों को मज़बूत व प्रगाढ़ बनाना चाहता है? आर्मीनिया के विदेशमंत्री ने अपने ईरानी समकक्ष से भेंटवार्ता के बाद क्या कहा?

क्या वजह है कि आर्मीनिया ईरान के साथ अपने संबंधों को मज़बूत व प्रगाढ़ बनाना चाहता है? आर्मीनिया के विदेशमंत्री ने अपने ईरानी समकक्ष से भेंटवार्ता के बाद क्या कहा?

गुरूवार को आर्मीनिया के विदेशमंत्री दो दिवसीय यात्रा पर तेहरान पहुंचे। तेहरान प्रवास के दौरान उन्होंने परस्पर रूचि के विभिन्न विषयों पर अपने ईरानी समकक्ष हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान से विचारों का आदान- प्रदान किया।

आर्मीनिया के विदेशमंत्री की तेहरान यात्रा का एक उद्देश्य ईरान के साथ आर्मीनिया के राजनीतिक और व्यापारिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाना है। ईरान के विदेशमंत्री ने अपने आर्मीनियन समकक्ष के साथ मुलाकात में कहा था कि अभी जल्दी ही ईरानी राष्ट्रपति और आर्मीनियन सरकार के प्रमुख के मध्य बैठक हुई थी जिसमें कुछ बातों पर सहमति हुई थी और हम तेहरान में उसका रोड मैप तैयार के प्रति कटिबद्ध हुए। विदेशमंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने कल कहा था कि आज हमने राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में अच्छे संबंधों के अलावा पर्यटन आदि के क्षेत्रों में भी संबंधों को जारी रखने पर सहमत हुए हैं और आर्मीनिया के ट्रांज़िट मार्ग से व्यापार और दूसरे विषय दृष्टिगत हैं।

आर्मीनिया के विदेशमंत्री ने भी तेहरान के दृष्टिकोणों के कारण ईरान का शुक्रिया अदा किया था और कहा कि मित्रतापूर्ण वातावरण में जो वार्ता हुई उसके दृष्टिगत अच्छा भविष्य हमारी प्रतीक्षा में है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हमारे संबंधों और दोस्ती का इतिहास सदियों पुराना है और दोनों पक्ष संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर सहमत हुए हैं

ज्ञात रहे कि वर्ष 1991 में आर्मीनिया के पूर्व सोवियत संघ से स्वतंत्र होने के बाद ईरान से उसके संबंध दिन प्रतिदिन अच्छे व मजबूत होते रहे हैं। वास्तव में क़रेबाग़ विवाद के दौरान आज़रबाइजान और तुर्की दोनों ने आर्मीनिया के लिए अपनी सीमाओं को बंद कर रखा था पर ईरान ने उस दौरान भी संतुलित दृष्टिकोण अपना रखा था। दूसरे शब्दों में दूसरे देशों विशेषकर पड़ोसियों के संबंध में ईरान का जो संतुलित दृष्टिकोण है वह आर्मीनिया के अधिक से अधिक तेहरान की ओर झुकाव का कारण बना है।

यहां इस बात का उल्लेख ज़रूरी है कि ईरान, आर्मीनिया, जार्जिया, बुल्गानिया और यूनान द्विपक्षीय और बहुपक्षीय वार्ता करके वर्ष 2016 से एक कैरीडोर बनाने पर काम कर रहे हैं और यह कैरीडोर आर्मीनिया और जार्जिया के रास्ते ईरान को यूरोप से जोड़ देगा।

बहरहाल दोनों देशों यानी ईरान और आर्मीनिया के संबंधों का दिन -प्रतिदिन मज़बूत व प्रगाढ़ होना जहां दोनों देशों के शत्रुओं के षडयंत्रों की विफलता का सूचक है वहीं इन देशों के मध्य रचात्मक सहकारिता न केवल दोनों देशों के हित में है बल्कि इससे क्षेत्र के दूसरे विशेषकर पड़ोसी देशों को भी लाभ पहुंचेगा और आर्मीनिया के विदेशमंत्री की तेहरान यात्रा को इसी दिशा में देखा जा सकता है।


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