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क्या इराक़ी सैनिक सीरिया में अमरीकी सैनिकों की जगह लेंगे और सऊदी अरब ख़र्चा उठाएगा?

क्या इराक़ी सैनिक सीरिया में अमरीकी सैनिकों की जगह लेंगे और सऊदी अरब ख़र्चा उठाएगा?

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने सीरिया से अपने सैनिकों को वापस बुलाने की घोषणा के बाद, अब इराक़ से कहा है कि वह अपने सैनिकों को सीरिया में तैनात करे और सऊदी अरब से कहा है कि वह सीरिया के पुनर्निमाण की ज़िम्मेदारी ले।

ट्रम्प की इस मांग पर प्रतिक्रिया जताते हुए इराक़ी प्रधान मंत्री ने कहा है कि सीरिया में दाइश के ख़िलाफ़ लड़ाई में भूमिका निभाने के लिए बग़दाद को वाशिंगटन से आदेश लेने की ज़रूरत नहीं है।

हालांकि इराक़ी प्रधान मंत्री आदिल अब्दुल मेहदी ने इसी के साथ यह भी कहा है कि उनकी सरकार सीमा के उस पार मौजूद ख़तरे के मुक़ाबले के लिए समस्त विकल्पों पर विचार कर रही है।

इस बीच, सऊदी अरब ने ट्रम्प की मांग पर किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं जताई है।

सोमवार को अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ट्वीट करके कहा था कि सऊदी अरब सीरिया के पुनर्निमाण में आने वाले ख़र्च को सहन करने के लिए तैयार हो गया है।

ट्रम्प ने कटाक्ष करते हुए कहा था कि कितना अच्छा है कि एक अमीर देश अपने पड़ोसी देश के पुनर्निमाण में मदद करे, बजाए इसके कि अमरीका 5,000 मील की दूरी से यह काम करे। सऊदी अरब का शुक्रिया।

विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ मुद्दों को लेकर ट्रम्प सऊदी अरब से नाराज़ हैं और वह उसे सचेत करना चाहते हैं कि आतंकवाद के विस्तार में रियाज़ ने जो गंदगी फैलाई है अब उसकी सफ़ाई में वह अपनी भूमिका निभाए।

ट्रम्प इससे पहले भी सऊदी अधिकारियों को धमकी दे चुके हैं कि अगर अमरीका रियाज़ का समर्थन करना बंद कर दे तो आले सऊद शासन एक हफ़्ता भी नहीं टिक पाएगा।

सीरिया से अमरीकी सैनिकों के बाहर निकाले जाने की ट्रम्प की घोषणा के बाद, इराक़ी सेना और स्वयं सेवी बलों ने स्पष्ट कर दिया है कि दाइश के ख़तरे का मुक़ाबला करने के लिए वह सीमा पार और सीरिया के भीतर अभियान चलाने के लिए पूरी तरह आज़ाद है।

इराक़ी प्रधान मंत्री ने कहा है कि वाशिंगटन, इराक़ी राष्ट्र की सुरक्षा के मामलों में हस्तक्षेप न करे और बग़दाद सरकार को सीरिया में दाइश के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए उसके आदेश की ज़रूरत नहीं है।

सूत्रों का कहना है कि अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भी इराक़ी प्रधान मंत्री को फ़ोन करके आग्रह किया था कि इराक़ी सैनिकों को सीरिया में अमरीकी सैनिकों का स्थान ले लेना चाहिए।

वास्तविकता यह है कि इराक़ी सेना और स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी पहले भी कई बार सीरिया के सीमावर्ती इलाक़ों में दाइश के ख़िलाफ़ कार्यवाही कर चुके हैं और भविष्य में भी ज़रूरत पड़ने पर वह पूरी तर से तैयार हैं और इसमें अमरीकी सरकार के आग्रह करने या न करने से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा। 


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