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कोई भी ज़िम्मेदारी स्वीकार करने को नहीं तैयार एक-दूसरे पर लगा रहे हैं आरोप

कोई भी ज़िम्मेदारी स्वीकार करने को नहीं तैयार एक-दूसरे पर लगा रहे हैं आरोप

अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी पराजय की ज़िम्मेदारी से सब भाग रहे हैं और एक-दूसरे पर आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं।

इस बार आरोपों के घेरे में आए हैं अफ़ग़ानिस्तान के लिए अमरीका के विशेष दूत ज़लमेई ख़लीलज़ाद।

न्यूयार्क टाइम्स ने इस हार की सारी ज़िम्मेदारी ख़लीलज़ाद पर मढ़ दी है।  इस अमरीकी समाचारपत्र के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान की वर्तमान स्थिति की ज़िम्मेदारी विशेष दूत ख़लीलज़ाद पर आती है।

न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान के संबन्ध में अमरीका के विशेष दूत ने क़तर में तालेबान के साथ वार्ता में तालेबान को कुछ अधिक विशिष्टताएं दे दी थीं जो बाद में मुसीबत बनकर सामने आईं।

यह समाचारपत्र लिखता है कि अफ़ग़ानिस्तान में विफलता की ज़िम्मेदारी वैसे तो जनरलों और कूटनयिकों पर ही आती है किंतु इस बारे में सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी ख़लीलज़ाद पर आती है जो उस समय विशेष दूत थे। 

न्यूयार्क टाइम्स ने अगस्त में तालेबान द्वारा काबुल का नियंत्रण अपने हाथ में लिए जाने का उत्तरदायी ज़लमेई ख़लीलज़ाद को ठहराया क्योंकि उन्होंने क़तर में तालेबान को बहुत सी विशिष्टताएं प्रदान कर दी थीं।

अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व उप राष्ट्र्रपति अमरुल्लाह सालेह पहले की कह चुके हैं कि ख़लीलज़ाद ने क़तर समझौते से संबन्धित बहुत सी बातों को छिपाया था।

हालांकि ज़लमेई ख़लीलज़ाद ने हाल ही में एक इन्टरव्यू में दावा किया था कि अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी की ज़िद और अहंकार के कारण उनकी सरकार गिर गई और तालेबान ने सत्ता हथिया ली।


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