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किसान नेता की दहाड़ः किसी भी क़ीमत पर पीछे नहीं हटेंगे, कृषि क़ानून समाज को ग़ुलाम बना देंगे, फ़ासीवादी प्रचार तंत्र का किया ज़िक्र

किसान नेता की दहाड़ः किसी भी क़ीमत पर पीछे नहीं हटेंगे, कृषि क़ानून समाज को ग़ुलाम बना देंगे, फ़ासीवादी प्रचार तंत्र का किया ज़िक्र

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच किसान आंदोलन जारी है।

किसान नेता राकेश टिकैत ने तीनों विवादित कृषि क़ानून पर ट्वीट किया है “केवल व्यापारिक पक्ष के लिए बनाये गए क़ानून, समाज को ग़ुलाम बना देंगे, यह कृषि क़ानून सिर्फ़ और सिर्फ़ कृषि व्यापार के पक्ष में हैं। यह बड़े बड़े उद्योगपति तो 500 फ़ीसदी तक मुनाफ़ा कमाएंगे और किसान को कुछ नहीं!”

भारतीय किसना यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता व नेता राकेश टिकैत ने साफ़ कर दिया है कि किसान दिल्ली की सीमा से किसी भी क़ीमत पर हटने वाले नहीं हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तीनों कृषि क़ानून समाज को ग़ुलाम बना देंगे।

उन्होंने 2024 तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लेते हुए कहा कि किसान 2024 तक आंदोलन के लिए तय्यार हैं। जब तक तीनों कृषि क़ानून वापस नहीं होंगे, तब तक वह डटे रहेंगे।

राकेश किटैत ने किसानों का हौंसला बढ़ाते हुए कहा कि केन्द्र सरकार की सरकारी मशीनरी और आरएसएस के फ़ासीवादी प्रचार तंत्र द्वारा लगातार ख़बरें और अफ़वाहें फैलाते हुए दुष्प्रचार किया जाता रहा है कि किसान आंदोलन कमज़ोर हो रहा है, ख़त्म हो रहा है, मोर्चे टूट रहे हैं। परंतु भाजपा-आरएसएस सुन लें कि जब तक केन्द्र सरकार संयुक्त किसान मोर्चा की मांग के मुताबिक़, तीनों कृषि क़ानून वापस नहीं लेगी और एमएसपी पर क़ानून नहीं बनाएगी तक क न तो किसोनों के मोर्चे हटेंगे, न मोर्चे टूटेंगे।

राकेश टिकैत ने हिसार में पुलिस द्वारा किसानों पर लाठीचार्ज किए जाने पर कहा कि हिसार में सरकार व पुलिस द्वारा जो किया गया वह ठीक नहीं था। जो किसान घायल हुए हैं, क्या सरकार उनकी शिकायत पर भी पर्चा दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन से बहुत सीखा है। आंदोलन ने उन्हें एकजुटता व मज़बूती सिखाई है।

महामारी को लेकर किसान नेता ने कहाः “कोरोना बीमारी का रास्ता अस्पताल जाता है और किसान आंदोलन का रास्ता संसद जाता है। दोनों के रास्ते पूरी तरह से अलग हैं।” उन्होंने कहा कि वैक्सीन सरकार के पास है और ठीकरा किसानों के सिर फोड़ा जा रहा है। सरकार कैंप लगा कर वैक्सीन लगवाए, किसी ने इंकार नहीं किया है। 


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