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क़तर चाह ले तो अंधेरे में डूब जाएंगे दुबई और अबू ज़हबी

क़तर चाह ले तो अंधेरे में डूब जाएंगे दुबई और अबू ज़हबी

चार अरब देशों सऊदी अरब, इमारात, बहरैन और मिस्र की ओर से क़तर की नाकाबंदी पर प्रतिक्रिया जताते हुए क़तर के संसद सभापति ने कहा कि यदि दोहा सरकार भी जवाबी कार्यवाही कर दे तो अबू ज़हबी और दुबई का एक तिहाई भाग बिजली से वंचित होकर अंधकार में डूब जाएगा।

क़तर के संसद सभापति ने अहमद आले महमूद ने कहा कि चारों अरब अरब देशों ने क़तर का बहिष्कार कर रखा है इसी लिए यह देश दोहा में आयोजित होने वाली अंतरसंसदीय संघ की बैठक में शामिल नहीं हुए। इन देशों ने अंतरसंसदीय संघ की 140वीं बैठक से पहले ही एक बयान में घोषणा कर दी कि वह बैठक का बहिष्कार करेंगे।

यह बैठक गत शनिवार से शुरू हुई है और पांच दिनों तक जारी रहेगी। बैठक में 149 देशों ने भाग लिया है।

अहमद आले महमूद ने कहा कि इमारात ने क़तर का बहिष्कार तो किया लेकिन गैस को इससे अलग रखा अब यदि क़तर चाहे तो जवाबी कार्यवाही करते हुए इमारात को गैस की सप्लाई रोक दे।

आले महमूद ने इसी तरह मिस्र को चेतावनी देते हुए कहा कि क़तर में 3 लाख मिस्री नागरिक काम करते हैं मगर क़तर ने नाकाबंदी शुरू होने के बाद से अब तक एक भी मिस्री नागरिको को बाहर नहीं निकाला है। जबकि क़तर का बहिष्कार करने वाले देशों ने अपने यहां से क़तरी नागरिकों यहां तक कि उपचार के लिए जाने वाले बीमारों को बाहर निकाल दिया।

गत 5 जुलाई 2017 को सऊदी अरब, बहरैन, इमारात और मिस्र ने क़तर पर आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप लगाकर उसके साथ अपने कूटनैतिक और आर्थिकक संबंध तोड़ लिए थे। क़तर इन आरोपों का कड़ाई से खंडन करता है।


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