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कश्मीर को लेकर मोदी सरकार के सारे दावों की निकली हवा, पहले से भी बदतर होते जा रहे हैं घाटी के हालात!

कश्मीर को लेकर मोदी सरकार के सारे दावों की निकली हवा, पहले से भी बदतर होते जा रहे हैं घाटी के हालात!

भारत प्रशासित कश्मीर को मोदी सरकार द्वारा केंद्र शासित प्रदेश बनाने के 15 महीनों बाद भी इस क्षेत्र में किसी तरह की शांति होती नहीं दिखाई दे रही है। एक ताज़ा झड़प में जहां तीन छापामार हताहत हुए हैं वहीं भारतीय सेना के 4 सैनिक भी मारे गए हैं जबकि दो अन्य घायल भी हुए हैं।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, रविवार आठ नवंबर को नियंत्रण रेखा के पास कुपवाड़ा ज़िले के माछील सेक्टर में हुई भारतीय सेना के जवानों और छापामारों के बीच भीषण झड़प हुई। भारतीय मीडिया के अनुसार, यह कई महीनों में कश्मीर इलाक़े में सुरक्षाबलों को होने वाला सबसे बड़ा नुक़सान है। मुठभेड़ की शुरुआत तब हुई जब बीएसएफ़ के जवानों ने नियंत्रण रेखा के पास जंगलों में संदिग्ध गतिविधि देखी। भारतीय सेना के अधिकारियों के मुताबिक़, जब बीएसएफ के जवानों ने उस गतिविधि में शामिल संभावित छापामारों को चुनौती दी, तो उन्होंने गोलियां चलाना शुरू कर दिया, जिसके बाद भीषण तरीक़े से झड़प शुरू हो गई। भारतीय सेना के अधिकारी कर्नल राजेश कालिया ने बताया कि शुरूआती गोलाबारी में एक सैनिक और एक छापामार मारा गया और उसके बाद वहां और भी सुरक्षाकर्मी भेजे गए। कर्नल कालिया के अनुसार बाद में दो और सैनिक और दो छापामार भी मारे गए। इसके पहले इसी साल अप्रैल में दो अलग अलग घटनाओं में नौ छापामार और तीन सैनिक मारे गए थे।

याद रहे कि, नियंत्रण रेखा पर भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार गोलीबारी होती रहती है लेकिन यह घटनाएं अगस्त 2019 में भारत सरकार द्वारा जम्मू और कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे को निरस्त कर देने के बाद सरकार लगातार कश्मीर में शांति स्थापित होने की बात कर रही है वहीं दूसरी ओर जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों के मुक़ाबले में अगर देखा जाए तो कश्मीर के हालात अच्छे होने के बजाए और बदतर हुए हैं। कश्मीर पहले से कहीं अधिक अशांत है।

उल्लेखनीय है कि कश्मीर भारत का एकमात्र मुस्लिम-बहुल प्रांत है और कई कश्मीरियों ने मोदी सरकार पर इलाक़े की स्थानीय आबादी के साथ नाइंसाफी करने का आरोप लगाया है। माना जा रहा है कि कश्मीर में मोदी सरकार द्वारा उठाए गए क़दमों के जवाब में पिछले सप्ताह पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्तिस्तान को राज्य का दर्जे देने की घोषणा की। गिलगित-बाल्तिस्तान पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर इलाक़े का एक हिस्सा है जिसे लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच पुराना विवाद है। यह भारत के जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के उत्तर-पश्चिम में पड़ता है। पाक अधिकृत कश्मीर, पाकिस्तान का ख़ैबर-पख्तुनख्वा प्रांत, अफ़ग़ानिस्तान का वखान गलियारा और चीन का शिंकियांग इलाक़े इससे सटे हुए हैं। 


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