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कर्बला में अमीरुल-मोमनीन (अ.स) की शहादत की रात

करबला में हज़रत अब्बास (अ.सस.) के पवित्र हरम रविवार शाम को, बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों का गवाह रहा जो इस नूरानी बारगाह में इमाम अली (अ.) की शहादत की रात और क़द्र रातों की दूसरी रात में उपस्थित हुए।

(ABNA24.com) करबला में हज़रत अब्बास (अ.सस.) के पवित्र हरम रविवार शाम को, बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों का गवाह रहा जो इस नूरानी बारगाह में इमाम अली (अ.) की शहादत की रात और क़द्र रातों की दूसरी रात में उपस्थित हुए।

की रिपोर्ट कफ़ील वर्ल्ड नेटवर्क की वेबसाइट के अनुसार,हज़रत अब्बास (अ.स) के पवित्र हरम के आंगन पिछली रात 26 मई को तीर्थयात्रियों से भरे हुए थे, जो क़द्र रातों की दूसरी रात को पुनर्जीवित करने के लिए, जो कि मुत्तक़ीन के मौला इमाम अली (अ.स) की शहादत का अवसर था इस पवित्र स्थान पर उपस्थित हुऐ ।

तीर्थयात्रियों ने इस मुबारक रात में दुआऐ जौशन कबीर की ततिललावत  की और कुरान को सर पर उठार प्रार्थना की तथा इस रात के ख़ास आमाल अंजाम दिऐ।


कर्बला में अमीरुल-मोमनीन (अ.स) की शहादत की रात

करबला में हज़रत अब्बास (अ.सस.) के पवित्र हरम रविवार शाम को, बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों का गवाह रहा जो इस नूरानी बारगाह में इमाम अली (अ.) की शहादत की रात और क़द्र रातों की दूसरी रात में उपस्थित हुए।

की रिपोर्ट कफ़ील वर्ल्ड नेटवर्क की वेबसाइट के अनुसार,हज़रत अब्बास (अ.स) के पवित्र हरम के आंगन पिछली रात 26 मई को तीर्थयात्रियों से भरे हुए थे, जो क़द्र रातों की दूसरी रात को पुनर्जीवित करने के लिए, जो कि मुत्तक़ीन के मौला इमाम अली (अ.स) की शहादत का अवसर था इस पवित्र स्थान पर उपस्थित हुऐ ।

तीर्थयात्रियों ने इस मुबारक रात में दुआऐ जौशन कबीर की ततिललावत  की और कुरान को सर पर उठार प्रार्थना की तथा इस रात के ख़ास आमाल अंजाम दिऐ।

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