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उत्तरी सीरिया में सीरियाई सेना की प्रगति से लड़ाई में आया नया मोड़, तुर्क सेना की प्रगति पर लगेगी रोक

उत्तरी सीरिया में सीरियाई सेना की प्रगति से लड़ाई में आया नया मोड़, तुर्क सेना की प्रगति पर लगेगी रोक

उत्तरी सीरिया में कुर्दों के ख़िलाफ़ तुर्की के सैन्य ऑप्रेशन में उस वक़्त एक नया मोड़ आ गया, जब सीरियाई सेना ने कुर्द बहुल शहर मंबिज का निंयत्रण संभालने का एलान कर दिया।

प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़, रूस, सीरिया और कुर्दों के बीच एक समझौते के तहत सीरियाई सैनिक एलिप्पो प्रांत के मंबिज शहर में प्रवेश करेंगे।

मंबिज में सीरियाई सैनिक भारी और हल्के हथियारों से लैस होंगे और वे वहां सीरिया का राष्ट्रीय ध्वज लहरायेंगे।


अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने पिछले हफ़्ते अचानक उत्तरी सीरिया के कुर्द बहुल इलाक़ों से अपने सैनिकों को निकालने का एलान किया था, जिसके बाद बुधवार को तुर्की ने इन इलाक़ों पर सैन्य चढ़ाई कर दी।

शनिवार को अमरीका ने मंबिज स्थित अपनी सैन्य चौकियों को पूरी तरह से ख़ाली कर दिया, जिसके बाद सीरियाई सैनिकों की इस शहर में तैनाती का मतलब होगा इस शहर पर तुर्क हमलों को रोकना।

सीरिया का मंबिज शहर 2014-2015 में उस वक़्त दुनिया भर में काफ़ी मशहूर हुआ था, जब उस पर दाइश के आतंकवादियों ने चढ़ाई कर दी थी और कुर्दों का नरसंहार किया था।

लेकिन अमरीका समर्थित कुर्द मिलीशिया एसडीएफ़ ने 2016 में इस शहर को दाइश के चंगुल से आज़ाद करा लिया था।

2016 के बाद से उत्तरी सीरिया में कुर्दों के ख़िलाफ़ तुर्की का यह तीसरा सैन्य ऑप्रेशन है।

विश्व स्तर पर तुर्की के हमलों की काफ़ी आलोचना की जा रही है, क्योंकि इससे एक बार फिर सीरिया में मानवीय संकट उत्पन्न होने और आतंकवाद बढ़ने का ख़तरा पैदा हो गया है।

शनिवार को ही तुर्क मिलीशिया एसडीएफ़ ने कहा था कि तुर्की के हमलों से जेलों में बंद दाइश के आतंकवादी फ़रार होने लगे हैं और दाइश को एक बार फिर ज़िंदगी मिल गई है।

एसडीएफ़ के एक वरिष्ठ अधिकारी रेद्यूर जलील का कहना था कि तुर्की के हमलों से दाइश को पुनर्जीवन मिल गया गया है, और क़मीशी व हसका में उसके आतंकवादी सक्रिय हो गए हैं, क्योंकि इन दोनों ही शहरों में कार बम धमाके हुए हैं।


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