ईरानी कमान्डर:

ज़ायोनी शासन पतन की कगार पर है।

 ज़ायोनी शासन पतन की कगार पर है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के वरिष्ठ सलाहकार का कहना है कि लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह अब एक क्षेत्रीय शक्ति में परिवर्तित हो गया है और ज़ायोनी शासन पतन की कगार पर है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के वरिष्ठ सलाहकार का कहना है कि लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह अब एक क्षेत्रीय शक्ति में परिवर्तित हो गया है और ज़ायोनी शासन पतन की कगार पर है।
इस्लामी क्रांति संरक्षक बल सिपाहे पासदारान आईआरजीसी के कमान्डर सैयद यहिया रहीम सफ़वी ने रविवार को एक कार्यक्रम में कहा कि पिछले 28 वर्षों के दौरान इस्लामी गणतंत्र ईरान दुनिया के सबसे सुरक्षित व शांत देश में रहा है, कहा कि शहीदों ने प्रतिरोध की विचारधारा का आधार रखने के अतिरिक्त ईरान में स्थान सुरक्षा भी पैदा कर दी।
श्री रहीम सफ़वी ने बल दिया कि दुश्मनों ने पवित्र प्रतिरक्षा के आठ वर्षीय काल में इस्लामी व्यवस्था को गिराने, ईरान के विभाजन, मानवीय और आर्थिक स्रोतों को समाप्त करने तथा इस्लामी क्रांति के निर्यात को रोकने के उद्देश्य से ईरान के साथ युद्ध आरंभ किया और शहीदों ने भी इन लक्ष्यों से मुक़ाबले के लिए रणक्षेत्र का रुख़ किया।
उनका कहना था कि सीरिया संकट को छह वर्ष से अधिक का समय हो रहा है और अमरीका, सऊदी अरब तथा क़तर नौ लाख से अधिक आतंकियों को सीरिया भेजकर प्रतिरोध के केन्द्र के मुक़ाबले में तनिक भी सफलता प्राप्त नहीं कर सके।
उन्होंने यह बयान करते हुए कि क्षेत्र में अमरीकी षड्यंत्रों के मुक़ाबले में प्रतिरोध का केन्द्र अटल है, कहा कि इराक़ और अफ़ग़ान युद्ध में अमरीका के पांच हज़ार से अधिक सैनिक मारे गये और 15 हज़ार घायल हुए जबकि लाखों डाॅलर का उसका नुक़सान हुआ।


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