जब ईरान ने पहली बार अमरीका की नाक रगड़ी

जब ईरान ने पहली बार अमरीका की नाक रगड़ी

तेहरान के जुमे के इमाम ने कहा है कि दुनिया में अमरीका की शक्ति क्षीण हो रही और इस देश के ख़िलाफ़ दुनिया के राष्ट्रों की नफ़रत बढ़ रही है।

तेहरान के जुमे की नमाज़ के विशेष भाषण में हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने, 4 नवंबर की रैली और तेहरान में अमरीकी जासूसी के अड्डे पर नियंत्रण की वर्षगांठ की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस्लामी क्रान्ति ने पहली बार दुनिया में अमरीका की नाक रगड़ी और विश्व शक्ति के रूप में इस देश के आधिपत्य को तोड़ दिया।

उन्होंने ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ पिछले 40 साल से अमरीकी धमकी व पाबंदियों की ओर इशारा करते हुए कहाः "इन अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों की वजह से ईरानी राष्ट्र वैज्ञानिक, सैन्य और राजनैतिक क्षेत्र में आत्मनिर्भर हुआ और साथ ही क्षेत्र में उसका प्रभाव बढ़ा है।"

हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि पिछले 40 साल में अमरीका ईरानी राष्ट्र के मुक़ाबले में हारा है, कहा कि ईरान के ख़िलाफ़ अमरीकी दुष्प्रचारों का कोई असर नहीं है और अब दुनिया भर में अमरीका से नफ़रत बढ़ रही है।

जुमे के इमाम ने इसी तरह बहरैन में सबसे बड़े विपक्षी दल अलवेफ़ाक़ के महासचिव शैख़ अली सलमान को आले ख़लीफ़ा शासन की दिखावटी अदालत की ओर से उम्र क़ैद की सज़ा सुनाए जाने के फ़ैसले की आलोचना करते हुए, इसे आले ख़लीफ़ा शासन की काली करतूतों की संज्ञा दी।

उन्होंने इसी तरह यमनी जनता के दमन पर विश्व समुदाय की ख़ामोशी की भी भर्त्सना की।


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