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ईरान के मशहूर कमांडर जनरल क़ासिम सुलैमानी ने घर बैठे इस्राईली संस्थाओं में करवा दी जंग!

ईरान के मशहूर कमांडर जनरल क़ासिम सुलैमानी ने घर बैठे इस्राईली संस्थाओं में करवा दी जंग!

इस्राईल में एक अजीब लड़ाई शुरू हो गई है। इस लड़ाई में एक तरफ़ कुख्यात इस्राईली इंटेलीजेन्स एजेंसी मोसाद है और दूसरी ओर एक कट्टरपंथी विचारधारा वाली पत्रिका मिशबाहा है।

पत्रिका ने इस्राईली ख़ुफ़िया एजेंसी के प्रमुख यूसी कोहीन का एक लंबा साक्षात्कार प्रकाशित किया जिसमें कोहीन ने बहुत सारे दावे किए थे। इंटरव्यू प्रकाशित होने के बाद यूसी कोहीन पर चारों तरफ़ से हमले शुरू हो गए कि वह संवेदनशील संस्था के प्रमुख होने के बावजूद इस प्रकार गतिविधियां कर रहे हैं जैसे राजनीति में क़िस्मत आज़माने का इरादा रखते हों।

आलोचनाओं में घिर जाने के बाद मोसाद के अधिकारियों ने अब यह कहना शुरू कर दिया कि यूसी कोहीन ने पत्रिका को कोई इंटरव्यू नहीं दिया और राजनीति में प्रवेश करने का उनका कोई इरादा नहीं है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि कोहीन ने टारगेट किलिंग के मुद्दे पर कभी किसी मैगज़ीन से कोई बात नहीं की।

सवाल यह उठता है कि सामरिक विभाग की आब्ज़रवेटरी संस्था ने इस इंटरव्यू को छपने से रोका क्यों नहीं जबकि उसे मालूम था कि मोसाद प्रमुख ने वह बातें नहीं कही हैं जो मैगज़ीन में छपने जा रही हैं? इसलिए कि जब भी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा कोई भी मुद्दा होता है तो उसकी ख़बर या समीक्षा छापने या प्रसारित करने से पहले मीडिया के लिए ज़रूरी होता है कि कंटेट सामरिक विभाग की आब्ज़रवर संस्था के सामने पेश करे? एक सवाल यह भी उठता है कि क्या मोसाद ने जान बूझ कर पहले यह इंटरव्यू प्रकाशित करवाया और कुछ ख़ास लोगों तक अपनी धमकी पहुंचा दी और अब इस बात का खंडन कर रही है कि कोहीन ने इंटरव्यू दिया था।

इस इंटरव्यू के एक महत्वपूर्ण भाग में दावा किया गया था कि मोसाद के लिए ईरान की क़ुद्स फ़ोर्स के प्रमुख जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या करना असंभव नहीं है। चूंकि जनरल क़ासिम सुलैमानी ने इस प्रकार की कोई ग़लती नहीं की जिसके आधार पर उन्हें मोसाद की हिट लिस्ट में शामिल किया जाए अतः मोसाद के लिए जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या महत्वपूर्ण नहीं है।

इस इंटरव्यू के बाद अब इस्राईल में हंगामा मचा हुआ है और यह बात बहुत से गलियारे कर रहे हैं कि इस्राईली जनरलों और अफ़सरों को राजनीति का चस्का लग गया है और वह अपने काम में इसीलिए शायद फ़ेल हो रहे हैं।


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