?>

इस वजह से दक्षिणी लेबनान से सिर पर पैर रख कर भागे थे इस्राईली सैनिक!

इस वजह से दक्षिणी लेबनान से सिर पर पैर रख कर भागे थे इस्राईली सैनिक!

इस्राईल ने दक्षिणी लेबनान के इलाक़ों से सन 2000 में अपनी सेना बाहर निकाल ली थी जिसके पीछे कई महत्वपूर्ण कारण थे।

इस्राईली अख़बार हाआरेत्ज़ ने दक्षिणी लेबनान से इस्राईली सैनिकों के निष्कासन की तारीख़ क़रीब आने के अवसर पर अपने एक लेख में जायज़ा लिया है कि वह क्या हालात थे जिनमें इस्राईल को अपने सैनिक दक्षिणी लेबनान से बाहर निकालने पड़े थे।

25 मई 2000 को इस्राईली सैनिक दक्षिणी लेबनान के उन इलाक़ों से बाहर निकल गए थे जिन पर उन्होंने क़ब्ज़ा कर रखा था।

हाआरेत्ज़ ने अपने लेख में बताया कि दक्षिणी लेबनान से एकपक्षीय रूप से इस्राईली सैनिकों के बाहर निकलने की घटना को 20 साल हो चुके हैं लेकिन आज भी इस्राईलियों के मन मस्तिष्क में यह घटना एक गहरे घाव के रूप में मौजूद है।

दक्षिणी लेबनान से इस्राईली सैनिकों के बाहर निकलने का एक महत्वपूर्ण कारण यह था कि पूरा दक्षिणी लेबनान इस्राईलियों के लिए बड़ा घातक इलाक़ा बन गया था। दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह आंदोलन का प्रतिरोध इतना मज़बूत था कि दक्षिणी लेबनान का कोई भी इलाक़ा इस्राईली सैनिकों के लिए सुरक्षित नहीं था। इस्राईली सैनिकों ने इस इलाक़े में सेफ़ ज़ोन बनाने की बड़ी कोशिश की मगर यह कोशिश कामयाब नहीं हो पाई।

हालत यह हो गई थी कि इस्राईली सैनिक अगर कोई भी आप्रशेन करते थे तो उससे कोई भी टिकाऊ फ़ायदा नहीं मिल पाता था। आप्रेशन के बाद भी वह इलाक़ा इस्राईलियों के लिए असुरक्षित रहता था यानी कभी भी किसी तरफ़ से भी उन पर हमला हो जाता था। इस्राईलियों को अपनी ताक़त पर भी भरोसा नहीं रह गया था यानी वह अपने आप्रशेन की सफलता के बारे में आश्वस्त नहीं थे।

इन हालात में तत्कालीन इस्राईली प्रधानमंत्री एहूद बाराक के प्रत्यक्ष आदेश पर इस्राईली सैनिक दक्षिणी लेबनान से बाहर निकल गए।


अपना कमेंट भेजें

आपका ईमेल शो नहीं किया जायेगा. आवश्यक फ़ील्ड पर * का निशान लगा है

*