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इस्राईल से संबंध स्थापना का पहला नतीजा, इमारात में अविवाहित जोड़ों का साथ रहना व शराब पीना क़ानूनी!

इस्राईल से संबंध स्थापना का पहला नतीजा, इमारात में अविवाहित जोड़ों का साथ रहना व शराब पीना क़ानूनी!

संयुक्त अरब इमारात ने अपने इस्लामी क़ानूनों में परिवर्तन की घोषणा की है। अब इस देश में अविवाहित जोड़े एक साथ रह सकते हैं और लोग शराब ख़रीद भी सकते हैं और पी भी सकते हैं।

यूएई में हाल ही में क़ानूनों में किए गए व्यापक परिवर्तनों के अनुसार 21 साल या उससे अधिक आयु के लोगों के शराब साथ रखने, बेचने या पीने में कोई रुकावट नहीं है। नए क़ानूनों के लागू होने से पहले स्थानीय लोगों को शराब पीने, ख़रीदने या ट्रांस्पोर्ट करने के लिए विशेष परमिट लेना पड़ता था लेकिन अब मुसलमान भी बिना किसी परमिट के अपने घरों में शराब रख भी सकेंगे और पी भी सकेंगे। इमारात की सरकार ने सात नवम्बर को पुराने क़ानूनों में नर्मी की घोषणा की थी। इन सुधारों की घोषणा इमारात की सरकारी समाचार एजेंसी के माध्यम से की गई। उल्लेखनीय है कि यूएई ने हाल ही में अमरीका की मध्यस्थता में इस्राईल को औपचारिक रूप से स्वीकार किया है और उसके साथ कूटनैतिक संबंध स्थापित कर लिए हैं।

 

संयुक्त अरब इमारात में क़ानूनों में बदलाव के बाद अब ग़ैर शादी शुदा जोड़ लिव इन रिलेशन में रह सकते हैं और साथ रहने के लिए उन्हें शादी करने की ज़रूरत नहीं है। इससे पहले तक अविवाहित लड़के व लड़की का एक साथ रहना प्रतिबंधित था। इसी क्रम में ऑनर किलिंग को भी अपराध घोषित कर दिया गया है। क़ानून में यह सारे बदलाव निजी स्वतंत्रता और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के नाम पर किए गए हैं लेकिन स्पष्ट है कि इमारात की सरकार इस्लामी क़ानूनों को हटाने के लिए निजी स्वतंत्रता और महिला अधिकारों की आड़ लेना चाहती है। ऐसा प्रतीत होता है कि इमारात में जो कुछ हो रहा है वह इस इस्लामी देश की सत्ता के ढांचे में घुसपैठ के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय ज़ायोनिज़म की ओर से तैयार की गई साज़िश को लागू करना है। इस साज़िश से यह भी स्पष्ट हो गया है कि सितम्बर में इमारात और इस्राईल के बीच संबंधों की स्थापना का केवल सुरक्षा व राजनैतिक आयाम नहीं है बल्कि इसके सांस्कृतिक व धार्मिक आयाम, उक्त दो पहलुओं से ज़्यादा अहम हैं।

 

सितम्बर में दोनों सरकारों के बीच संबंध स्थापना के समझौते के बाद इस प्रकार की रिपोर्टें सामने आईं कि इस्राईल में यहूदी काॅलोनियों का निर्माण करने वाली कंपनी, इमारात में एक मस्जिद बना रही है, इस देश में इस्राईली अस्पताल बनाए जा रहे हैं और महिला प्रधानों के प्रचार व विज्ञापन के लिए इस्राईल की महिला माॅडल्स यूएई पहुंच रही हैं। इस तरह के क़दमों से यूएई में इस्लामी मान्यताओं को कमज़ोर बनाने की कोशिश की जा रही है और इनसे इमारात व इस्राईल के बीच हुए समझौते के गुप्त लक्ष्य सामने आते जा रहे हैं। अमरीकी समाचार एजेंसी एसोशिएटेड प्रेस ने यूएई में इस्लामी क़ानूनों में बदलाव का स्वागत करते हुए कहा है कि निजी आज़ादी की मज़बूती से इस देश की छवि में बदलाव की सूचक है। यह देश अपने आपको पश्चिम जैसा दिखाने और पर्यटकों को लुभाने की कोशिश कर रहा है।


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