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इस्राईल की इन छह छावनियों की फ़िलिस्तीनियों ने ईंट से ईंट बजा दी, बड़े महत्वपूर्ण इलाक़ों पर बम्बारी के लिए यहां से उड़ते थे इस्राईली जेट

इस्राईल की इन छह छावनियों की फ़िलिस्तीनियों ने ईंट से ईंट बजा दी, बड़े महत्वपूर्ण इलाक़ों पर बम्बारी के लिए यहां से उड़ते थे इस्राईली जेट

फ़िलिस्तीन के हमास आंदोलन ने इस्राईल की छह छावनियों पर मिसाइल बरसा कर तेल अबीब को भौंचक्का कर दिया

हमास की सैनिक शाखा इज़्ज़ुद्दीन क़स्साम ब्रिगेड ने मंगलवार को एक बयान में घोषणा की कि युद्ध के नवें दिन आम फ़िलिस्तीनी नागरिकों पर ज़ायोनी शासन के हमलों के जवाब में इस्राईल की छह सैनिक छावनियों पर मिसाइलों की बरसात कर दी गई। यह मिसाइल हमले ग़ज़़्ज़ा पट्टी के कई इलाक़ों पर इस्राईल की बमबारी के जवाब में किए गए। 

हमास ने जिन छह इस्राईली छावनियों को अपने मिसाइल हमलों का निशाना बनाया उनके नाम हत्शूर, हत्शरीम, नफ़ातीम, तलनोफ़, यालमाख़ीम और रामोन हैं। 

आइए इन छावनियों के बारे में आपको कुछ बताते हैं, 

रामोन हवाई छावनीः 

यह इस्राईल के लिए स्ट्रैटेजिक महत्व रखने वाली छावनी है जो बेर शबा शहर के दक्षिण में स्थित में है जो मिस्र के सिनाई मरुस्थल से 30 किलोमीटर दूर है। इस छावनी में इस्राईली वायु सेना के शक्तिशाली स्क्वाड्रन तैनात रहते हैं। इसका निर्माण 1982 में अमरीका के बजट से हुआ था। 

हत्शूर हवाई छावनीः

यह छावनी भूमध्यसागर के तट के क़रीब क़ुद्स शहर के समानान्तर स्थित है। ग़ज़्ज़ा पट्टी से इसकी दूरी 35 किलोमीटर है। यहां इस्राईली वायु सेना का स्क्वाड्रन 105 तैनात रहता है। यहां दो पायलटों वाले एफ़-16 युद्धक विमान रखे जाते हैं जो कई अवसरों पर ग़ज़़्ज़ा पट्टी पर बमबारी कर चुके हैं। वर्ष 1942 में इस छावनी का निर्माण ब्रिटेन ने किया था। 

हत्शरीम हवाई छावनीः 

यह छावनी बेअर सबा शहर के क़रीब है ग़ज़्ज़ा पट्टी पर बमबारी के लिए अकसर इस्राईली युद्धक विमान यहां से उड़ान भरते हेैं। 

नोफ़ातीम हवाई छावनीः 

यह 28 एयर फ़ोर्स बेस के नाम से भी मशहूर है यहां एक सैनिक और एक अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट है। इस छावनी में एफ़-35 विमानों के स्क्वाड्रन तैनात होते हैं। ग़ज़़्ज़ा पट्टी से इसकी दूरी 70 किलोमीटर है। अमरीका युद्ध मंत्री लुइड आस्टिन ने अप्रैल में जब इस्राईल का दौरा किया था तो वह इस छावनी मेें भी गए थे।

वर्ष 1981 में इस्राईली युद्धक विमानों ने इसी छावनी से उड़ान भरकर इराक़ के परमाणु प्रतिष्ठानों पर बमबारी की थी।  

तल नोफ़ हावई छावनीः 

यह छावनी इस्राईल की अहम हवाई छावनी समझी जाती है जो तेल अबिब के दक्षिण पूर्व में स्थित ज़ायोनी शहर रख़वूत में है। इस छावनी में इस्राईल वायु सेना का स्क्वैड्रन-210 रहता है। इसी तरह इस छावनी में ड्रोन विमान भी हैं। यह छावनी ग़ज़्ज़ा से 45 किलोमीटर की दूरी पर है।

यह छावनी, इस्राईल की तीन अहम हवाई छावनी में है। दो और अहम छावनियां रामात डेविड और नवातीम हैं।

तल नोफ़ छावनी 1939 में क़ायम हुयी और यह ज़ायोनी शासन की वायु सेना की सबसे बड़ी छावनियों में है। इस छावनी में 3 रनवे है। दो रनवे 2 किलोमीटर और 750 मीटर लंबे और एक रवने 1830 मीटर लंबा है।

सुरक्षा समीक्षाओं के मुताबिक़, इस छावनी में इस्राईल के परमाणु हथियार रखे हुए हैं।

पालमाख़ीम हवाई छावनी

यह सैन्य हवाई अड्डा होने के साथ साथ हवाई छावनी भी है। यह छावनी तेल अबिब के पूरब में स्थित रिशोल लिस्तयोन शहर के निकट एक तटवर्ती इलाक़े में स्थित है।

इस छावनी में बड़ी तादाद में हेलिकॉप्टर और ड्रोन हैं। इसी से ऐरो मीज़ाईल फ़ायर होता है। इसी छावनी से, मेडिट्रेनियन सी के ऊपर शावीत मीज़ाईल भी फ़ायर होता है।

पालमाख़िम छावनी, ज़ायोनी वायु सेना की कमांडो इकाई 5101 या शालदाग इकाई का ठिकाना भी है। इस इकाई को आक्रामक ऑप्रेशन और इंटेलिजेन्स ऑप्रेशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस इकाई को गुप्त ऑप्रेशन सौंपे जाते हैं।

मंगलवार को फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध फ़ोर्स ने ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ कार्यवाही में हवाई छावनियों के निशाना बनाने के साथ साथ, नक़ब मरुस्थल में स्थित 8200 नामक छावनी, ग़ज़्ज़ा की सरहद के क़रीब रईम सैन्य छावनी, रफ़ह के पूरब में स्थित सूफ़ा छावनी, अतिग्रहित फ़िलिस्तीन के दक्षिणी भाग व ग़ज़्ज़ा की सरहद के क़रीब नक़ब मरुस्थल के पश्चिमोत्तर में स्थित नाहिल ऊज़ छावनी और ईरज़ में ज़ायोनी सैन्य छावनी को निशाना बनाया। इन कार्यवाहियों में ज़ायोनी सेना ने कम से कम 2 ज़ायोनियों के मारे जाने और 20 के घायल होने की बाती क़ुबूल की है। 


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