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इस्राईली हमलों में शहीद होने वाले फ़िलिस्तीनियों की संख्या 122 हुई, अत्यधिक ख़तरे के बावजूद दसियों हज़ार लोगों ने मस्जिदुल अक़सा में नमाज़ पढ़ी

इस्राईली हमलों में शहीद होने वाले फ़िलिस्तीनियों की संख्या 122 हुई, अत्यधिक ख़तरे के बावजूद दसियों हज़ार लोगों ने मस्जिदुल अक़सा में नमाज़ पढ़ी

ग़ज़्ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि ज़ायोनी शासन के पाश्विक हमलों में शहीद होने वालों की संख्या बढ़ कर 122 हो गई है।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार ग़ज़्ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि पिछले पांच दिनों से जारी ज़ायोनी शासन के पाश्विक हमलों में शहीद होने वाले फ़िलिस्तीनियों की संख्या बढ़ कर 122 हो गई है जिनमें 31 बच्चे और 20 महिलाएं शामिल हैं। मंत्रालय का कहना है कि इस्राईल के हमलों में अब तक 900 से ज़्यादा लोग घायल हो चुके हैं। अवैध ज़ायोनी शासन ने आज लगातार पांचवें दिन भी ग़ज़्ज़ा के आवासीय इलाक़ों को पाश्विक ढंग से निशाना बनाया।

 

उधर फ़िलिस्तीन के प्रतिरोधकर्ता बलों ने आज भी अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन के विभिन्न इलाक़ों पर राॅकेटों और मीज़ाइलों की बारिश की। ज़ायोनी सेना के प्रवक्ता हिदाई ज़िलबरमैन ने शुक्रवार को यह बात स्वीकार की है कि ग़ज़्ज़ा से 1800 राॅकेट इस्राईल की ओर फ़ायर किए गए हैं जिनमें से 430 निशानों पर जाकर गिरे हैं। उन्होंने बताया कि अभी इस्राईली सैनिक ग़ज़्ज़ा में दाख़िल नहीं हुए हैं लेकिन उन्हें तैयार रहने का आदेश दिया गया है।

 

इस बीच दसियों हज़ार फ़िलिस्तीनियों ने आज मस्जिदुल अक़सा में नमाज़े जुमा अदा की। अलजज़ीरा के मुताबिक़ इस्राईल की ओर से खड़ी की गई अनेक रुकावटों के बावजूद विभिन्न अवैध अधिकृत इलाक़ों से दसियों हज़ार फ़िलिस्तीनी मस्जिदुल अक़सा पहुंचे और उन्होंने पहले से कहीं अधिक भव्य ढंग से इस पवित्र स्थल में नमाज़े जुमा अदा की।

 

याद रहे कि फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध और ज़ायोनी शासन के बीच सोमवार से झड़पों का नया चरण शुरू हुआ है। फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध ने तेल अवीव को बैतुल मुक़द्दस और मस्जिदुल अक़सा पर हो रहे हमलों को बंद करने का अल्टीमेटम दिया था और इसके बावजूद इस्राईल की ओर से हमले बंद न किए जाने के बाद फ़िलिस्तीन के प्रतिरोधकर्ता गुटों और ज़ायोनी शासन के बीच झड़पें शुरू हो गईं।


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