?>

इराक़ की नज़र में कब अमरीका ईरान पर हमला कर सकता है? इराकी प्रधानमंत्री ने क्या संदेश दिया ईरान को? राज़ खोलने वाला अलअखबार का जायज़ा।

 इराक़ की नज़र में कब अमरीका ईरान पर हमला कर सकता है? इराकी प्रधानमंत्री ने क्या  संदेश दिया ईरान को? राज़ खोलने वाला अलअखबार का जायज़ा।

लेबनान से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र अलअखबार ने नूर अय्यूब का एक लेख प्रकाशित किया है जिसमें ईरान, इराक़ और अमरीका के संबंधों और पैदा होने वाले तनाव का जायज़ा लिया गया है।

फार्स की खाड़ी में अमरीका की सैन्य उपस्थिति में वृद्धि और इलाक़े में तनाव की ओर बढ़ने की ट्रम्प की घोषणा के साथ ही तेहरान के कूटनयिक सूत्र इस बात पर बल दे रहे हैं कि अमरीकी दूतावास पर हालिया दिनों में किये जाने वाले हमलों से ईरान का कोई संबंध नहीं है। इसी मध्य इराक़ शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

    पिछले हफ्ते, आईआरजीसी की कुद्स ब्रिगेड के कमांडर, इस्माईल क़ाआनी, बगदाद गये थे और इस दौरान उन्होंने इराकी प्रधानमंत्री के अलावा कई अन्य वरिष्ठ इराक़ी अधिकारियों से भी भेंट की। इन भेंटों में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गयी। सूत्रों के अनुसार जनरल क़ाआनी दो बातों को स्पष्ट करने की कोशिश कर रहे थे। एक तो बगदाद में अमरीकी दूतावास पर हमले से तेरहान के संबंध को नकार रहे थे और दूसरे वह अलफत्ह गठबंधन में मौजूद राजनीतिक दलों को उत्साहित कर रहे थे।

    जनरल क़ाआनी ने अमरीकी कूटनयिकों के इस आरोप का कड़ाई के साथ खंडन किया कि बगदाद में अमरीकी दूतावास पर हालिया हमले में ईरान का कोई हाथ था। वह भी एसे समय पर जब तेहरान ने अपने घटकों से संयम  की मांग की थी और यह कहा था कि वह अमरीका के जाल में न फंसें। जनरल क़ाआनी ने अलफत्ह गठबंधन से मांग की थी कि चुनावी सहमति पत्र जितनी जल्दी हो सके बनाए और इसके कुछ ही घंटों बाद इस गठबंधन ने एलान किया कि वह चुनाव में एक गठजोड़ के साथ हिस्सा लेगा जिसका यह मतलब है कि काआनी की बात, मेज़बानों की समझ में आ गयी।

जनरल क़ाआनी

 

    जनरल क़ाआनी जब बगदाद से रवाना हो रहे थे तो इराकी सुरक्षा बलों ने असाइब अहलुल हक़ से कथित रूप से संबंधित एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया  और इस गिरफ्तारी की वजह, अमरीकी दूतावास पर हमले में लिप्त होना बताया गया है। यह सब से पहले तो सरकार और इस गुट और फिर सरकार और इराकी प्रतिरोध मोर्चे के बीच तनाव पैदा करने वाला काम था। असाइब अहलुलहक़ के प्रमुख खज़अली से निकट सूत्रों ने अलअखबार से वार्ता में इन आरोपों का खंडन किया  और बल दिया है कि यह गिरफ्तारी किसी और वजह से हुई है और उसका संबंध अमरीकी दूतावास पर हमले से नहीं है।

          इसी तरह इराक़ के कताएब हिज़्बुल्लाह ने खुल कर अलकाज़ेमी की सरकार की इस लिए आलोचना की क्योंकि उन्होंने इस सगंठन की आलोचना की थी। कताइब हिज़्बुल्लाह के इस रुख के बाद इराक़ी सरकार ने एक प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा ताकि सरकार और इस संगठन में पैदा होने वाले तनाव को नियंत्रण में रखा जाए। यहां तक कि सद्र धड़ा भी मैदान में उतर गया और मांग की कि इराक़, ईरान और अमरीका के झगड़े से दूर रहे।

    इराक़ी प्रधानमंत्री ने ध्यान से हालात  का जायज़ा लिया और फिर प्रधानमंत्री कार्यालय के पूर्व प्रमुख मुहम्मद अबू हाशमी को ईरान को संदेश पहुंचाने के लिए चुना। अबू अलहाशमी ईरान के प्रभावशाली लोगों से निकट संपर्क के लिए जाने जाते हैं और अलकाज़ेमी के बहुत बड़े समर्थक भी हैं।

    एक जानकार सूत्र के अनुसार इराक़ के इस प्रतिनिधिमंडल ने ईरान को यह संदेश दिये हैः

  1. इराक़ में आगामी चुनावों को टालने या उसमें विलंब का कोई इरादा नहीं है।
  2. तेहरान के समर्थक संगठनों को नियंत्रण रखने के लिए समझौते की बहुत अधिक ज़रूरत है।
  3. इराक़ के राजनीतिक हालात बेहद जटिल हैं। 
  4. बिना सोचे समझे उठाया गया कोई भी क़दम ईरान और इराक़ के लिए भयानक त्रासदी में बदल सकता है।
  5. बगदाद तेहरान को यह बताये कि अगर फिर से अमरीकी छावनियों पर हमला किया गया तो ट्रम्प सैन्य कार्यवाही के लिए तैयार हैं।
  6. बगदाद यह समझता है कि ट्रम्प के सत्ताकाल के अंत तक शांति व युद्ध विराम जारी रहना बेहद ज़रूरी है।

खबर मिली है कि इराक़ की न्यायपालिका ने अलकताइब के एक वरिष्ठ सदस्य की गिरफ्तार का आदेश जारी कर दिया है जिसका साफ अर्थ यह है कि ईरान ने इराक़ के फैसले को स्वीकार कर लिया है और हालात पर नियंत्रण करना आरंभ कर दिया है। इराक़ में पैदा होने वाला तनाव, बिना कोशिश के खत्म नहीं होगा ताकि ट्रम्पकाल का बचा हुआ समय शांति से गुज़र जाए और यही वजह है कि किसी विस्फोटक परिस्थिति की आशंका प्रकट की जा रही है। Q.A.

लेखक के विचारों से पार्स टूडे का सहमत होना ज़रूरी नहीं।


अपना कमेंट भेजें

आपका ईमेल शो नहीं किया जायेगा. आवश्यक फ़ील्ड पर * का निशान लगा है

*

پیام رهبر انقلاب به مسلمانان جهان به مناسبت حج 1441 / 2020
conference-abu-talib
We are All Zakzaky
सेंचुरी डील स्वीकार नहीं