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इटली में घट रही है जन्मदर जबकि मृत्यु दर में हो रही है वृद्धि, बिगड़ रहा है आबादी का संतुलन

इटली में घट रही है जन्मदर जबकि मृत्यु दर में हो रही है वृद्धि, बिगड़ रहा है आबादी का संतुलन

आर्थिक तंगी के कारण इटली में ज्यादातर दंपती अब परिवार बढ़ाने से परहेज करने लगे हें जो जनसंख्या के संतुलन को डांवाडोल कर रहा है।

इटली में पिछली एक शताब्दी में जन्मदर सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।

दैनिक भासकर के अनुसार इटली में सन 2008 की वैश्विक मंदी से यह ट्रेंड सामने आया है कि दंपति, परिवार बढ़ाने से बच रहे हैं। इटली में जन्मदर में प्रतिवर्ष गिरावट दर्ज की जा रही है

इटली की सरकारी एजेंसी आईएसटीएटी के अनुसार इटली की सालाना जन्मदर चार लाख से भी कम हो गई। यह जन्मदर पिछले 100 साल में सबसे कम है। पिछले सात वर्षं में इटली की आबादी एक करोड़ घट गई।  इटली दुनिया का तीसरा सबसे उम्रदराज देश है। 2030 तक यहां की आबादी की औसत उम्र 50 साल हो जाएगी।

कोरोना काल में यहां पर तलाक की दर 30 फीसदी बढ़ गई, रोजगार न मिलने से कई लोग शादी ही नहीं कर रहे हैं।  कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन के कारण यह माना जाने लगा था कि इटली की जन्मदर में वृद्धि होगी लेकिन सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले निकले।

मिलान की कैथोलिक यूनिवर्सिटी की एलिसान्द्रो रोसिना का कहना है कि खराब अर्थव्यवस्था के कारण इटली में युवाओं को काफी देर से नौकरी मिलती है। युवाओं को नौकरी भी अस्थाई ही मिलती है।  उनका कहना है कि साथ ही चाइल्ड केयर की पर्याप्त सरकारी सुविधा न होने के कारण अधिकतर युवा, बच्चे पैदा करना ही नहीं चाहते।

रोसिना के अनुसार इटली में सरकारी कर्ज के कारण प्रति व्यक्ति कर्ज भी काफी अधिक है।  इटली के लोगों के भीतर आर्थिक भविष्य को लेकर भारी अनिश्चितता पाई जाती है। कोरोना महामारी के दौर में इटली में आर्थिक हालात और भी विकट हो गए हैं। इटली में 2021 में लगातार दूसरे साल भी जन्म दर से मृत्यु दर ज्यादा दर्ज की गई है।

एक अर्थशास्त्री डेलियो मोइती के अनुसार इटली में जनम्दर का लगातार गिरना अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बुरे संकेत हैं। इस देश की सक्रिय कामगार आबादी कम होती जा रही है। मोइती के अनुसार यह ट्रेंड अगर कुछ और साल चलता रहा तो फिर इटली, जीडीपी का एक चौथाई हिस्सा खो देगा।


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