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इंसानियत हुयी शर्मसार, फिर एक गर्भवती औरत को धर्म की वजह से अस्पताल में भर्ती न करने की घटना आयी सामने

इंसानियत हुयी शर्मसार, फिर एक गर्भवती औरत को धर्म की वजह से अस्पताल में भर्ती न करने की घटना आयी सामने

भारत के झारखंड राज्य के जम्शेदपुर शहर में एक गर्भवती औरत को उस समय गर्भपात हो गया जब कोरोना वायरस के नाम पर शहर के एमजीएम अस्पताल ने न सिर्फ़ यह कि उसे भर्ती नहीं किया बल्कि अस्पताल के एक कर्मचारी ने उसे मारा पीटा।

30 साल की रिज़वाना ख़ातून ने राज्य के मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन से शनिवार को इस घटना की लिखित शिकायत की। इस महिला ने अपनी शिकायत में लिखा है कि वह इंसाफ़ लेकर रहेगी। इस ख़त में महिला ने लिखाः "मैं यह निश्चित करना चाहती हूं कि भविष्य में किसी दूसरे के साथ ऐसा न हो।"

हेमंत सोरेन के नाम ख़त में रिज़वाना ख़ातून ने कहा कि उनके साथ धर्म के आधार पर भेदभाव किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक़, रविवार को प्रशासन की ओर से इस घटना की जांच के आदेश जारी किए गए।
ग़ौरतलब है कि राजस्थान के भरतपूर ज़िले में इसी तरह की एक घटना 5 अप्रैल को घटी थी जब भरतपूर के सरकारी अस्पताल ने एक महिला को अस्पताल में भर्ती करने से इंकार कर दिया था।

ग़ौरतलब है कि हालिया दिनों में भारत में चरमपंथी हिन्दु, कोरोना वायरस का दुरुपयोग कर रहे हैं और मुसलमानों पर देश के ख़िलाफ़ साज़िश का इल्ज़ाम लगाकर हमला कर रहे हैं। चरमपंथी हिन्दु सांप्रदायिक मानसिकता की वजह से अंधे होते जा रहे हैं।

इसी तरह की घटना महाराष्ट्र के पालघर में गुरुवार को घटी जब भीड़ ने 2 साधुओं और उनके ड्राइवर की पीट-पीट कर हत्या कर दी और फिर सोशल मीडिया पर इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गयी।


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