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असम के मुख्यमंत्री ने मुस्लिम जनसंख्या को जोड़ा सामाजिक ख़तरों से

असम के मुख्यमंत्री ने मुस्लिम जनसंख्या को जोड़ा सामाजिक ख़तरों से

भारत के असम राज्य के नए मुख्यमंत्री ने मुसलमानों को जनसंख्या नियंत्रण की नसीहत की है।

हेमंत बिस्वा सरमा ने असम के प्रवासी मुसलमानों से जनसंख्या नियंत्रित रखने को कहा है।

उन्होंने मुसलमानों की आबादी को सामाजिक ख़तरों से जोड़ते हुए कहा कि प्रवासी मुसलमान अगर परिवार नियोजन पर ध्यान दें तो ज़मीन के अतिक्रमण जैसी समस्याओं का समाधान हो सकता है।  हेमंत सरमा का कहना है कि अगर मुसलमानों की जनसंख्या इसी तरह से बढ़ती रही तो फिर मेरा घर भी अतिक्रमण से बच नहीं पाएगा।

असम के मुख्यमंत्री के इस बयान पर एआईयूडीएफ के महासचिव ने कहा कि हेमंत सरमा एक विशेष समुदाय को निशाना बना रहे हैं।  उन्होंने कहा कि सरकार की जनसंख्या नीति का हमने कभी भी विरोध नहीं किया।

याद रहे कि असम के केन्द्रीय और निचले क्षेत्रों में बंगाली बोलने वाले मुसलमानों को बांगलादेशी प्रवासी माना जाता है।  पिछले विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने यह संदेश दिया था कि वह असम के मूल समुदायों को प्रवासी मुसलमानों से बचाने के लिए काम करेंगे।  असम की आबादी का 31 प्रतिशत, प्रवासी मुसलमानों पर आधारित है।


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