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अमेरिकी सांसद के तार्किक सवाल से इस देश के विदेशमंत्री का चकराया दिमाग़, इल्हान उमर ने पूछा जब अमेरिका पहले परमाणु समझौते से निकला तो पहले उसे परमाणु समझौते में क्यों वापस नहीं आना चाहिये?

अमेरिकी सांसद के तार्किक सवाल से इस देश के विदेशमंत्री का चकराया दिमाग़, इल्हान उमर ने पूछा जब अमेरिका पहले परमाणु समझौते से निकला तो पहले उसे परमाणु समझौते में क्यों वापस नहीं आना चाहिये?

अमेरिका की डेमोक्रेट सांसद इल्हान उमर ने कहा कि अगर हम परमाणु समझौते में वापस नहीं आते हैं तो कैसे इस बात की अपेक्षा रख सकते हैं कि ईरान परमाणु समझौते के प्रति कटिबद्ध रहेगा?

अमेरिका की डेमोक्रेट सांसद ने इस देश के विदेशमंत्री से पूछा कि जब परमाणु समझौते से पहले अमेरिका निकला था तो उसे परमाणु समझौते में पहले वापस क्यों नहीं आना चाहिये? हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी संसद में विदेशी मामलों की समिति की बैठक में इल्हान उमर ने कहा कि परमाणु समझौते में प्रतीत यह हो रहा है कि दोनों पक्ष एक दूसरे की प्रतीक्षा में हैं ताकि सामने वाला पहले क़दम उठाये और इस प्रतीक्षा से हम बंद गली में पहुंच गये हैं।

इल्हान उमर ने अमेरिकी विदेशमंत्री एंटनी ब्लिंकन को संबोधित करते हुए पूछा कि यह एक वास्तविकता है कि हम परमाणु समझौते के एक पक्ष थे जो इस समझौते से निकल गया। इस आधार पर हमें पहले परमाणु समझौते में पहले वापस क्यों नहीं आना चाहिये? उन्होंने पूछा कि अगर हम परमाणु समझौते में वापस नहीं आते हैं तो कैसे इस की अपेक्षा रख सकते हैं कि ईरान परमाणु समझौते के प्रति कटिबद्ध रहेगा? क्या अमेरिका को ईरान से पहले परमाणु समझौते में वापस नहीं आना चाहिये?

अमेरिकी सांसद के इन सवालों के बावजूद बाइडेन सरकार के अधिकारियों ने कहा कि हम ईरान की ओर से भरपाई की कार्यवाहियां अंजाम देने के बाद परमाणु समझौते में वापस आयेंग।

ज्ञात रहे कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने बारंबार कहा है कि अमेरिका ने परमाणु समझौते का उल्लंघ किया है और तेहरान ने जो परमाणु प्रतिबद्धताओं में कमी की है वह अमेरिका की ग़ैर कानूनी कार्यवाहियों की प्रतिक्रिया में किया है और प्रतिबंधों के समाप्त हो जाने के बाद तेहरान हर क़दम उठायेगा।

यहां इस बात का उल्लेख आवश्यक है कि ईरान परमाणु समझौते से निकला नहीं है बल्कि उसने परमाणु समझौते के अनुसार ही अपनी परमाणु प्रतिबद्ताओं को कम किया है।

जानकार हल्कों का कहना है कि अमेरिका ने परमाणु समझौते से एकपक्षीय और ग़ैर कानूनी तरीके से निकल कर इसका उल्लंघन किया है तो यूरोपीय दूशों ने इस समझौते में रहकर वही किया जो अमेरिका ने किया। दूसरे शब्दों में अगर यह कहा जाये कि अमेरिका और तीन यूरोपीय देश एक ही सिक्के के दो रूप हैं तो कोई बुरा नहीं होगा।


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