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अमेरिका सीरिया से अपनी सेनाओं को वापस बुलायेगाः ट्रंप

अमेरिका सीरिया से अपनी सेनाओं को वापस बुलायेगाः ट्रंप

आतंकवादी गुट दाइश को पराजित करने और सीरिया से अमेरिकी सैनिकों के निकालने के बारे में ट्रंप के फैसले का अमेरिका में स्वागत नहीं हुआ है और यहां तक कि अमेरिका के एक रिपब्लिकन सिनेटर लिन्डसी ग्रैहम ने सीरिया से निकलने के ट्रंप के फैसले को ग़लत बताया है।

वर्ष 2011 में सीरिया संकट आरंभ हुआ था और अमेरिका ने पश्चिमी और अरब देशों के अगुवा के रूप में सीरिया की कानूनी सरकार का तख्ता पलटने के लिए विद्रोहियों व आतंकवादियों का व्यापक समर्थन व सहायता की परंतु सात वर्षों से अधिक का समय बीत गया और सीरिया की कानूनी सरकार अपने स्थान पर बनी हुई और आतंकवादी गुटों विशेषकर दाइश का सीरिया से सफाया हो गया।

वास्तव में अमेरिका सीरिया में एक कठपुतली सरकार लाना चाहता था पर अब उसके षडयंत्रों पर पूरी तरह पानी फिर चुका है जबकि उसने वर्ष 2014 में आतंकवादी गुट दाइश से मुकाबले के बहाने सीरिया में आतंकवाद विरोध अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाया था।

दूसरे शब्दों में सीरिया में कानूनी सरकार का तख्ता पलटने और आतंकवादी गुटों की सहायता करने में अमेरिका और उसके पिछलग्गुओं ने किसी प्रकार के प्रयास में संकोच से काम नहीं लिया।

यहीं नहीं अमेरिका और उसके कुछ पिछलग्गु देशों की सेनाएं सीरिया के उत्तर और उत्तर पूर्वी क्षेत्रों में तैनात हो गयीं।

रोचक बात यह है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक अप्रत्याशित फैसले में सीरिया से अपनी सेनाओं को निकालने की घोषणा कर दी है। ट्रंप ने अपने ट्वीट एकांट में लिखा है कि हमने सीरिया में दाइश को पराजित कर दिया और सीरिया में हमारी उपस्थिति का मात्र यही कारण था।

इसी प्रकार ट्रंप ने अपने एक दूसरे पेज एकांट में लिखा है कि दाइश के साथ लड़ाई में एतिहासिक सफलता मिलने के बाद अब वह समय आ गया है कि हम अपने सैनिकों को सीरिया से वापस बुला लें।

आतंकवादी गुट दाइश को पराजित करने और सीरिया से अमेरिकी सैनिकों के निकालने के बारे में ट्रंप के फैसले का अमेरिका में स्वागत नहीं हुआ है और यहां तक कि अमेरिका के एक रिपब्लिकन सिनेटर लिन्डसी ग्रैहम ने सीरिया से निकलने के ट्रंप के फैसले को ग़लत बताया है।

इसी तरह अलअबामा विश्व विद्यालय के प्रोफेसर नेडर इंन्टेसर ने कहा है कि वर्तमान समय में ट्रंप का यह निर्णय अप्रत्याशित था और उसने अमेरिका की विदेश नीति में एक दराड़ उत्पन्न कर दी है।

बहरहाल सीरिया से अमेरिकी सैनिकों के निकलने का जो भी कारण हो दमिश्क ने सीरिया में अमेरिकी सैनिकों की उपस्थिति को सदैव ग़ैर कानूनी बताया है और उसने अमेरिकी सैनिकों की अवैध उपस्थिति को एक प्रकार का अतिग्रहण बताया और सदैव सीरिया से इन सैनिकों के निकलने पर बल दिया है। 


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