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अमरीका ग़ुस्से में क्यों हो रहा है लाल पीला, इराक़ी कमान्डर ने बताई वजह, सैयद इब्राहीमी की तरफ़ किया अहम इशारा...

अमरीका ग़ुस्से में क्यों हो रहा है लाल पीला, इराक़ी कमान्डर ने बताई वजह, सैयद इब्राहीमी की तरफ़ किया अहम इशारा...

इराक़ी स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी का कहना है कि ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में सैयद इब्राहीम रईसी की जीत से अमरीका क्रोधित हो गया।

इराक़ी स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी की सैयदुश्शोहदा ब्रिगेड के महासचिव का कहना है कि ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में सैयद इब्राहीम रईसी की जीत ने अमरीका को क्रोधित कर दिया है।

फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार इराक़ी स्वयं सेवी बल सैयदुश्शोहरा ब्रिगेडि के महासचिव अबूल अला अलवेलाई ने अपने एक बयान में इराक़ और सीरिया की सीमा पर सुबह दो बजे स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी के सैन्य ठिकाने पर अमरीका के हमले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के कुछ परिवर्तनों की वजह से अतिग्रहणकारी अमरीकी ग़ुस्से में हैं।

उन्होंने इराक़ और सीरिया की सीमा अलबू कमाल में स्वयं सेवी बलों के ठिकाने पर अमरीका के हवाई हमले पर कहा कि ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में आयतुल्लाह सैयद इब्राहीम रईसी की कामयाबी सहित क्षेत्र के कुछ परिवर्तन, अमरीका के क्रोधित होने का कारण बने हैं।

साबेरीन न्यूज़ टेलीग्राम चैनल के अनुसार सैयदुश्शोहदा ब्रिगेड की ओर से जारी बयान में आया है कि अमरीका, इराक़ी स्वयं सेवी बल और सेना, शिया और सुन्नियों के बीच मतभेद के बीज बोने में नाकाम रहा और इराक़ी प्रधामनंत्री मुस्तफ़ा अलकाज़ेमी और इराक़ के अनेक वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की उपस्थिति में स्वयं सेवी बलों की परेड, अमरीकी अतिग्रहणकारियों के मुंह पर तमाचा की तरह थी क्योंकि इस देश ने स्वयं सेवी बलों को स्वीकार करने के रास्ते में बहुत अधिक रुकावटें पैदा कीं।

इराक़ी स्वयं सेवी बल के महासचिव ने कहा कि ग़ज्ज़ा में बैतुल मुक़द्दस की तलवार, सैयद रईसी की विजय, हश्दुश्शाबी की परेड, यमनियों और बहरैनियों के संघर्ष ने अमरीका के ग़ुस्से को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है और इसीलिए उसने स्वयं सेवी बलों के ठिकाने पर सीमा पर बमबारी की क्योंकि वह प्रतिरोध के मोर्चे को जंग का एक ही मैदान समझता है।

इराक़ी स्वयं सेवी बल सैयदुश्शोहरा ब्रिगेड के महासचिव ने बल दिया कि इराक़ में प्रतिरोधकर्ता गुट, जनरल सुलैमानी की देन हैं और वह अमरीका के निरंतर हमलों का जवाब देने को अपना हक़ समझते हैं और शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी, अबू महदी अलमुहन्दिस और एमाद मुग़निया ने बेहतरीन रास्ता तैयार किया है जो काफ़ी समय तक प्रतिरोधकर्ता गुटों के लिए काफ़ी है।


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