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अमरीका को दूसरों के भाग्य का फैसला करने का कोई अधिकार नहींः बश्शार जाफ़री

अमरीका को दूसरों के भाग्य का फैसला करने का कोई अधिकार नहींः बश्शार जाफ़री

राष्ट्रसंघ में सीरिया के स्थाई दूत ने कहा है कि दूसरों के भाग्य का फैसला करने का अमरीका को कोई अधिकार नहीं है।

बश्शार जाफ़री ने अतिग्रहित गोलान की पहाड़ियों के बारे में अमरीका के विरोध की निंदा की।  उन्होंने कहा कि अमरीका का यह फैसला ग़ैरक़ानूनी और अनैतिक है।

जाफ़री के अनुसार यह अमरीकी निर्णय जहां पर अन्तर्राष्ट्रीय क़ानूनों का खुला उल्लंघन है वहीं पर राष्ट्रसंघ के घोषणापत्र का भी हननकर्ता है।  राष्ट्रसंघ में सीरिया के स्थाई प्रतिनिधि ने कहा कि अमरीका ने पिछले कुछ दशकों के दौरान न केवल यह कि अवैध ज़ायोनी शासन के अत्याचारों का समर्थन किया बल्कि सुरक्षा परिषद में भी उसके हित में मतदान किया।

ज्ञात रहे कि राष्ट्रसंघ की महासभा ने बुधवार की शाम गोलान की पहाड़ियों से इस्राईल के निष्कास के हित में पूर्ण बहुमत से प्रस्ताव पेश किया था जिसका इस्राईल और अमरीका ने विरोध किया।  इससे पता चलता है कि वश्व समुदाय, गोलान की पहाड़ियों पर ज़ायोनी शासन के अवैध क़ब्ज़े का पक्षधर नहीं है किंतु अमरीकी सरकार उसका खुलकर समर्थन कर रही है।

उल्लेखनीय है कि इस्राईल ने सन 1967 में सीरिया की गोलान की पहाड़ियों के 1200 वर्ग किलोमीटर के भूभाग पर क़ब्ज़ा करके उसे अवैध ज़ायोनी शासन का भाग घोषित कर दिया था जिसे सीरिया आज भी अपना हिस्सा बताता है।  


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