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अमरीका को तालेबान का जवाब, 50 लााख डाॅलर के ईनामी व्यक्ति को बनाया गृहमंत्री, अभी भी नहीं खोले सारे पत्ते...

अमरीका को तालेबान का जवाब, 50 लााख डाॅलर के ईनामी व्यक्ति को बनाया गृहमंत्री, अभी भी नहीं खोले सारे पत्ते...

तालेबान ने नये मंत्रीमंडल का एलान करके अमरीका के प्रति अपनी मंशा ज़ाहिर कर दी है।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अमरीका ने जिस व्यक्ति के सिर पर ईनाम रखा था और जो वाशिंग्टन के निकट मोस्ट वांटेड व्यक्ति था उसे ही तालेबान ने गृहमंत्री बना दिया।

तालेबान ने अफ़ग़ानिस्तान में अंतरिम सरकार के गठन का एलान कर दिया और सिराजुद्दीन हक़्क़ानी को अफगानिस्तान का नया गृहमंत्री घोषित कर दिया है।

सिराजुद्दीन हक़्क़ानी का संबंध पाकिस्तान के नॉर्थ वजीरिस्तान इलाक़े से है। ख़ूंखार हक़्क़ानी नेटवर्क के संस्थापक सिराजुद्दीन हक़्क़ानी के बारे में कहा जाता है कि वह नॉर्थ वजीरिस्तान के मिराम शाह इलाके में रहते हैं।

हक़्क़ानी नेटवर्क के इस शीर्ष नेता का नाम एफ़बीआई की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में अभी भी शामिल है। अमरीका ने उसके बारे में सूचना पर 50 लाख डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है। अमरीका सिराजुद्दीन हक़्क़ानी को अपना बड़ा दुश्मन मानता है। साल 2008 में जनवरी के महीने में काबुल में एक होटल पर हुए हमले का आरोप सिराजुद्दीन के सिर पर है। इस हमले में छह लोग मारे गये थे, जिसमें अमेरिकी भी शामिल थे।

यूनाइटेड स्टेट के खिलाफ अफगानिस्तान में क्रॉस बॉर्डर अटैक में भी सिराजुद्दीन का हाथ माना जाता रहा है। इसके अलावा साल 2008 में अफ़ग़ानी राष्ट्रपति हामिद करज़ई की हत्या की साजिश रचने में भी इस गुट का नाम सामने आयाथ था।

सिराजुद्दीन के बारे में यह भी बताया जाता है कि तालेबान और अलक़ायदा से उसके करीबी संबंध है। हक़्क़ानी का नाम वैसे तो कई आतंकी हमलों में शामिल रहा है, लेकिन जिन तीन बड़ी घटनाओं में इसका सीधा हाथ रहा है, उनमें से दो घटनाएं भारतीय दूतावास पर बड़े आत्मघाती हमले से जुड़ी हैं।

एक वक्त था जब अफगानिस्तान में सरकार के खिलाफ हमलों में तालेबान से ज्यादा हक़्क़ानी नेटवर्क का नाम सामने आने लगा था। हक़्क़ानी नेटवर्क के ऑप्रेशन की कमान जलालुद्दीन हक़्क़ानी के बेटे सिराजुद्दीन हक़्क़ानी ने संभाली।

पिछले कुछ सालों में इस संगठन की गतिविधियां काफी बढ़ी हैं। तालेबान लीडरशिप में भी हक़्क़ानी नेटवर्क की उपस्थिति बढ़ी है। 2015 में नेटवर्क के मौजूदा प्रमुख सिराजुद्दीन हक़्क़ानी को तालेबान का डिप्टी लीडर बनाया गया था।

अफ़ग़ानिस्तान के नये प्रधानमंत्री मुल्ला अखुंदज़ादे क्वेटा स्थित रहबरी शूरा के प्रमुख हैं। रहबरी शूरा को क्वेटा शूरा के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि ये पाकिस्तान के बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में है। मुल्ला अखुंदज़ादे पख़्तून मूल के हैं और उनका निवास कंधार में है। ये तालेबान के फाउंडर मेंबर भी हैं।


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