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अमरीका की नई सरकार से सीधे संपर्क की कोई इच्छा नहींः इराक़ची

अमरीका की नई सरकार से सीधे संपर्क की कोई इच्छा नहींः इराक़ची

ईरान के विदेश उपमंत्री सैयद अब्बास इराक़ची ने कहा है कि परमाणु समझौता एक सही सांचा है जिसके आधार पर ही वार्ता होनी चाहिए।

अब्बास इराक़ची का कहना है कि अमरीका की नई सरकार के साथ सीधे संपर्क की हमारी कोई इच्छा नहीं है। उन्होंने इटली के  ला रिपब्लिका (la Repubblica) समाचारपत्र को दिए गए इंटरव्यू में, जो शनिवार को प्रकाशित हुआ, अमरीका में नई सरकार और ट्रम्प के समर्थकों के कांग्रेस पर हमले के बारे में कहा कि जो कुछ वाॅशिंग्टन में हुआ वह अमरीकी लोकतंत्र का वास्तविक रूप है। उन्होंने कहा कि अब उनको दुनिया में किसी भी देश से यह कहने का अधिकार नहीं है कि वह अपनी राजनैतिक समस्याओं का कैसे समाधान करे।

 

इराक़ची ने परमाणु समझौते के संबन्ध में जो बाइडेन सरकार से ईरान की मांग के संबन्ध में कहा कि तेहरान ने पूरी सद्भावना के साथ वार्ता करते हुए जेसीपीओए पर अमल किया। उनका कहना था कि अब अमरीका की नई सरकार को चाहिए कि वह पिछली सरकार की ग़लतियों की भरपाई करे। ईरान के विदेश उपमंत्री ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि परमाणु समझौते में वापस आने के लिए अमरीका को सारे प्रतिबंध हटाने होंगे, कहा कि जेसीपीओए के संबन्ध में कोई भी नई वार्ता या नया समझौता नहीं होगा।

 

अब्बास इराक़ची ने ईरान और इटली के संबन्धों के बारे में कहा कि रोम, हमेशा से तेहरान का व्यापारिक सहयोगी रहा है और अगर प्रतिबंध हटा लिए जाते हैं तो दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक संबन्ध फिर से शुरू होंगे। ईरान के विदेश उपमंत्री ने यमन के संदर्भ में तेहरान और रोम के बीच कूटनीतिक सहयोग की ओर संकेत करते हुए बताया कि अगर प्रतिबंध न हटाए जाएं तब भी ईरान और इटली, दोनों ही संबन्धों को सामान्य बनाने के लिए सहयोग करें।


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