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अब यमनी ड्रोन विमानों ने सऊदी समर्थन प्राप्त विद्रोही सेना की सैन्य परेड पर बरसाई आग

अब यमनी ड्रोन विमानों ने सऊदी समर्थन प्राप्त विद्रोही सेना की सैन्य परेड पर बरसाई आग

यमनी सेना ने अदन में सऊदी समर्थन प्राप्त लड़ाकों की सैन्य परेड पर ड्रोन हमला किया है।

(ABNA24.com) यमनी सेना ने अदन में सऊदी समर्थन प्राप्त लड़ाकों की सैन्य परेड पर ड्रोन हमला किया है।

सोमवार की सुबह यमनी सेना और अंसारुल्लाह आंदोलन ने क़ासिफ़-2 ड्रोन से सऊदी समर्थक लड़ाकों की परेड को निशाना बनाया।

यमन के सैन्य सूत्रों का कहना है कि सेना ने यह अभियान सफलापूर्वक अंजाम दिया है।

उसके बाद सऊदी टीवी चैनल अल-हदस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि वायु रक्षा प्रणाली ने अदन के पश्चिम में एक ड्रोन को मार गिराया।

इस बीच, यमनी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याहया सरी ने कहा है कि आक्रमणकारी शक्तियों के लिए अब यमन में या यमन के बाहर कोई सुरक्षित स्थान नहीं है।

सरी का कहना था, दुश्मन को अल-अनद सैन्य हवाई अड्डे पर हुई घटना से सबक़ लेना चाहिए, यमन की सैन्य शक्ति और रणनीति को हलके में लेना उनके लिए विनाशकारी साबित होगा।

यमनी सेना के प्रवक्ता का इशारा 10 जनवरी को लहिज प्रांत में हुए उस ड्रोन हमले की ओर था, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति मंसूर हादी के उप सैन्य प्रमुख जनरल सालेह ज़िंदानी समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मारे गए थे।

सरी ने कहा, हमारे जवाबी हमलों का दायरा दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है।

पिछले ही महीने यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन ने सऊदी अरब और यूएई में 300 लक्ष्यों को निशाना बनाने की घोषणा की थी।

उसके बाद से यमन ने सऊदी अरब की तेल पाइप लाइनों और तेल स्टेशनों पर सफल ड्रोन हमले किए हैं।

शनिवार को यमन के रक्षा मंत्री मोहम्मद नासिर अल-अतीफ़ी ने चेतावनी दी थी कि सनआ ने रक्षा क्षेत्र में तेड़ी से प्रगति की है, जो सऊदी अरब और उसके घटकों को अचरज में डाल देगी।

पिछले महीने, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने यमन के अल-हौसी या अंसारुल्लाह आंदोलन को ड्रोन विमानों का उपयोग करने के लिए दुनिया का "सबसे कुशल" सैन्य बल क़रार दिया और कहा कि उन्होंने अपने लड़ाकू ड्रोन की सटीकता को बहुत उन्नत किया है।

अमरीकी अख़बार ने जुलाई 2018 में यूएई की राजधानी अबूधाबी के एयरपोर्ट पर अल-हौसी आंदोलन के हमले का उदाहरण दिया है, जिसका यूएई ने खंडन किया था।

इस खंडन के बावजूद वॉल स्ट्रीट जनरल ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि यमन ने यह हमला अंजाम दिया था।

अबूधाबी की ओर से इस हमले का खंडन करने का मुख्य कारण यह था कि अगर इसकी ख़बर आम लोगों तक पहुंचती तो संयुक्त अरब इमारात पर इसका व्यापक नकारात्मक आर्थिक प्रभाव पड़ता।




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