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अफ़ग़ानिस्तान में तीन खरब डाॅलर की तांबे की खदान पर अमरीका का नियंत्रण

अफ़ग़ानिस्तान में तीन खरब डाॅलर की तांबे की खदान पर अमरीका का नियंत्रण

वर्षों तक अफ़ग़ानिस्तान में रक्तपात करने के बाद अमरीका अब अपने लक्ष्य के बहुत निकट पहुंच रहा है।

अफ़ग़ानिस्तान के अधिकारियों की ओर से घोषणा की गई है कि अमरीका, इस देश की तांबे की सबसे बड़ी खदान से खुदाई का काम आरंभ करने जा रहा है।  अफ़ग़ानिस्तान के अधिकारियों के अनुसार एक अमरीकी कंपनी बहुत ही जल्द सरपुल नामक प्रांत में मौजूद तांबे की सबसे बड़ी खदान से खुदाई का काम आरंभ करेगी।  बताया जा रहा है कि अफ़ग़ानिस्तान के सरपुल प्रांत के बल्ख़ाब नगर में स्थित तांबे की खदान इस देश की सबसे बड़ी तांबे की खदान है।  एक अनुमान के अनुसार यह 500 वर्ग किलोमीटर में स्थित है जिसमे पाया जाने वाला तांबा 100 मिलयन टन से भी अधिक है। अफ़ग़ानिस्तान की तांबे की इस खदान की वैल्यू लगभग तीन खरब डाॅलर आंकी गई है।  सरपुल के गवर्नर अब्दुल क़ादिर आशना ने बताया है कि बल्ख़ाब नगर में मौजूद तांबे की खदान में खुदाई का काम एक अमरीकी कंपनी इसी महीने किसी भी समय आरंभ कर सकती है।

उल्लेखनीय है कि अफ़ग़ानिस्तान की उद्योग एवं खदान मंत्री नरगिस नेहान ने पिछले साल वाशिग्टन की यात्रा के दौरान बहुत ही गोपनीय ढंग से इस देश के सरपुल और बदख़शां प्रांतों में मौजूद तांबे और सोने की खदानों की खुदाई के लिए एक अमरीकी कंपनी के साथ एग्रीमेंट साइन किया था।  उनके इस काम पर अफ़ग़ानिस्तान के बहुत से सांसदों ने विरोध किया था।  अफ़ग़ानिस्तान में पारदर्शिता पर नज़र रखने वाली अफ़ग़ान ट्रांस्पेरेंसी ने इससे पहले कहा था कि काबुल में अमरीकी तथा ब्रिटिश दूतावारों के माध्यम से अफ़ग़ानिस्तान पर दबाव बनाकर अमरीकी कंपनियां, अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद खदानों पर अपना नियंत्रण बनाने के लगातार प्रयास कर रही हैं।  अफ़ग़ानिस्तान में प्राकृतिक संसाधनों पर नज़र रखने वाली एक अन्य संस्था अमरीकी कंपनियों पर इस देश के संसाधनों की लूटमार का आरोप लगा चुकी है।  इसी बीच अफ़ग़ानिस्तान की सीनेट ने सरकार से मांग की है कि वह देश की तांबे की खदान की खुदाई के लिए अमरीकी कंपनी से गोपनीय ढंग से किये जाने वाले समझौते के बारे में स्पष्टीकरण दे।


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