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अन्तर्राष्ट्रीय ख़तरे के रूप में उभर रही है गोरों की वरीयता की सोच

अन्तर्राष्ट्रीय ख़तरे के रूप में उभर रही है गोरों की वरीयता की सोच

राष्ट्रसंघ के महासचिव ने स्पष्ट किया है कि श्वेत वर्चस्ववाद अब एक वैश्विक ख़तरा बनता जा रहा है।

रोएटर के अनुसार संयुक्त राष्ट्रसंघ की मानवाधिकार परिषद में बोलते हुए राष्ट्रसंघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि गोरों के वर्चस्ववाद का मुद्दा बहुत तेज़ी से संसार में फैल रहा है जो पूरे विश्व के लिए ख़तरे की घंटी है।  उन्होंने कहा कि इसी के साथ नव-नाज़ीवाद आंदोलन भी एक अन्य गंभीर ख़तरा है जो श्वेत वर्चस्ववाद के साथ फैलता जा रहा है।

राष्ट्रसंघ के महासचिव के अनुसार गोरों की वरीयता का विचार और नव-नाज़ीवाद आंदोलन, आतंकवाद से भी बढ़कर ख़तरनाक हैं।  गुटेरस ने किसी भी देश का नाम लिए बिना कहा कि यह ख़तरनाक विचारधाराएं इस समय कुछ देशों के भीतर राष्ट्रीय ख़तरे के रूप में बदल चुकी हैं।  उनका कहना कि इन अतिवादी विचारधाराओं ने समर्थन हासिल करने के लिए कोरोना संकट का खुलकर दुरूपयोग किया।

गुटेरस ने कहा कि कुछ देशों के अधिकारियों ने कोरोना वायरस से मुक़ाबले के बहाने अपने विरोधियों के दमन के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था स्थापित की।  संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव का कहना है कि इन ख़तरनाक विचारधाराओं से मुक़ाबला करने के लिए हमें विश्व स्तर पर एकजुट रहने की आवश्यकता है।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रसंघ के महासचिव के इस बयान से पहले पूरा संसार अमरीका में नस्लभेदी क्रियाकलापों का साक्षी रहा है।  डोनाल्ड ट्रम्प के 4 वर्षीय कार्यकाल में यह भ्रष्ट विचारधारा ख़ूब फूली-फली।  अमरीका के वर्तमान राष्ट्रपति बाइडेन ने भी माना है कि देश में भीतर नस्लभेदी विचारधारा को हवा दी गई।  उन्होंने कहा कि 6 जनवरी को ट्रम्प के समर्थकों की ओर से कांग्रेस की इमारत पर हमला, श्वेत वर्चस्सवाद और नस्लभेदी सोच रखने वाले गुंडों ने ही किया था। 


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