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अगर अमरीका पाबंदी बाक़ी रखने पर अड़ा रहता तो बातचीत अब तक रुक गयी होतीः ईरान

अगर अमरीका पाबंदी बाक़ी रखने पर अड़ा रहता तो बातचीत अब तक रुक गयी होतीः ईरान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ईरान-अमरीका के बीच वियना में मतभेद के बिन्दुओं के कम न होने का ज़िक्र करते हुए कहा है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल बड़ी होशियारी व बारीकी के साथ बातचीत को आगे बढ़ा रहा है।

सईद ख़तीबज़ादे ने कहा कि अगर अमरीका पाबंदियां बाक़ी रखने पर अड़ा रहता तो बातचीत अब तक रुक गयी होती। उन्होंने बुधवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में, एक जानकार सूत्र के हवाले से अमरीका के पाबंदियों को बाक़ी रखने पर आग्रह से संबंधित ख़बर के बारे में कहा कि वियना में ईरान-अमरीका के बीच मतभेद के बिन्दु कम नहीं है और कुछ बातों में अमरीका का रवैया क़ुबूल करने योग्य नहीं है, इसी वजह से वियना में ईरानी प्रतिनिधिमंडल पूरी होशियारी के साथ बातचीत को आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने इस तरह की ख़बरों पर कि अमरीका, ईरान के ख़िलाफ़ कड़ी पाबंदियां बाक़ी रखने की बात कर रहा है और विभिन्न बहानों से 2015 के परमाणु समझौते जेसीपीओए को थोड़ा हल्का करके लागू करने की कोशिश में है, कहा कि इस तरह के दावे ग़लत हैं, क्योंकि अगर अमरीका इस तरह की बात करता तो अब तक बातचीत रुक गयी होती।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद ख़तीबज़ादे ने सोमवार को भी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा था कि ईरान की मूल नीति यह है कि अमरीका सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 के तहत अपनी सभी प्रतिबद्धताओं की ओर पलटे जिनमें एक एक शब्द को परखा जाएगा और जैसा कि सुप्रीम लीडर कह चुके हैं कि इस संबंध में न हमें जल्दबाज़ी है और न ही हम ऐसे खेल में शामिल होंगे जो थकाने वाला हो। उन्होंने कहा था कि हमारे लिए जो बात अहमियत रखती है वह यह कि सारी पाबंदियां एक साथ हटें और उनका सत्यापन मुमकिन हो। जो कुछ संकलित हो रहा है और अमरीका की ओर से उठने वाले क़दम के बारे में जो कुछ लिखा जा रहा है, वह पूरी बारीकी के साथ होना चाहिए और जब भी कोई बात लिखी जाती है तो पूरी बारीकी के साथ लिखी जाती है।


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