ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान:

पराई आग में कूदने की जरूरत नहीं, हमारे पवित्र स्थानों को कोई खतरा नहीं।

  • News Code : 682355
  • Source : abna.ir
Brief

ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान के वाइस अध्यक्ष असद बट्ट ने एक पाकिस्तानी दैनिक से बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान को पराई आग में कूदने की जरूरत नहीं, हमारे पवित्र स्थानों को कोई खतरा नहीं है।

अहलेबैत समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान के वाइस अध्यक्ष असद बट्ट ने एक पाकिस्तानी दैनिक से बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान को पराई आग में कूदने की जरूरत नहीं,हमारे पवित्र स्थानों को कोई खतरा नहीं है। क्योंकि हमला करने वाले भी मुसलमान हैं वह भी इन स्थानों की उतनी ही इज़्ज़त करते हैं जितनी हम करते हैं।

मुसलमानों की हत्या को बेहद अमानवीय कार्यवाही बताते हुए उन्होंने कहा कि यह यमन की आंतरिक समस्या थी सऊदी अरब को इस युद्ध में कूदने का कोई अधिकार नहीं है।

इस बीच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने सऊदी अरब में पाकिस्तानी सेना भेजने की ख़बर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यमन में पाकिस्तानी सेना को भेजना सही निर्णय नहीं है।

मानवाधिकार के सक्रिय कार्यकर्ता महनाज़ रहमान ने पाकिस्तानी सिविल सुसाईटी,मुस्लिम लीग की केंद्रीय सरकार और उसके राजनीतिक सहयोगियों की इस कार्यवाही की निंदा करते हुए कहा कि हम समझते हैं कि इस लड़ाई में पाकिस्तानी सेना का इस्तेमाल एक बड़ी गलती है जिससे आर्थिक,राजनीतिक,सैन्य और विदेश नीति को गंभीर नुक़सान पहुंचने की आशंका है।

सामाजिक नेता अनीस हारून ने कहा कि पाकिस्तान को इस युद्ध का हिस्सा बनने के बजाय सऊदी अरब और ईरान के बीच जारी तनाव को खत्म कराने और यमन के मामले को वार्ता से हल करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि संसदीय दल संसद के संयुक्त सत्र में पाकिस्तानी सेना, सऊदी अरब भेजने के बजाय यह नीति तय करें कि पाकिस्तान को अप्रासंगिक संघर्ष में शामिल होने के बजाये मध्य पूर्व और विश्व शांति में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।


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