• पारिभाषा में शिया किसे कहते हैं।

    अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम की बिला फ़स्ल इमामत (अर्थात रसूले इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही वसल्लम के बाद, बिना किसी फ़ासले के आपको पहले नम्बर पर उनका उत्तराधिकारी स्वीकार करना) पर यक़ीन रखना इसलिए कि आप (अ.) दूसरे सहाबा से श्रेष्ठ और उत्तम थे और रसूले इस्लाम ने आपको अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया था इसी के साथ इस बात का भी विश्वास रखना कि इमामत का सिलसिला आपकी संतानों में केवल हज़रत फ़ातिमा ज़हरा के वंश में जारी रहेगा और किसी और को इमामत का अधिकार नहीं है ।

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  • शिया समुदाय की उत्पत्ति व इतिहास (2)

    रसूले अकरम (स.) के देहांत के बाद जब आपकी ख़िलाफ़त और उत्तराधिकार का मुद्दा सामने आया तो जो महोदय रसूले इस्लाम (स.) के युग में आपके प्रति सबसे अधिक निष्ठावान थे और आपके शिया समझे जाते थे उन्होंने इमामत के बारे में मौजूद नुसूस और हज़रत अली (अ.) के व्यक्तित्व की महानता के आधार पर आपकी बिला फ़स्ल ख़िलाफ़त और इमामत का समर्थन किया और यह लोग दूसरों के शासन व ख़िलाफ़त को अवैध समझते थे, .......

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  • शिया समुदाय की उत्पत्ति व इतिहास (1)

    शिया की परिभाषा और उसके विभिन्न अर्थों की जानकारी प्राप्त हो जाने के बाद अब शिया समुदाय के इतिहास और उसकी उत्पत्ति के बारे में अनुसंधान की आवश्यकता है। इस चर्चा पर सदैव सभी इस्लामी समुदायों, विशेष रूप से शिया संप्रदाय के बारे में अनुसंधान करने वालों का ध्यान केंद्रित रहा है और इस बारे में विभिन्न दृष्टिकोण सामने आए हैं। एक दृष्टिकोण तो यह है कि शिया समुदाय का आरम्भ अहदे रिसालत अर्थात इस्लामी ईशदूत के युग में ही हो चुका था। दूसरे दृष्टिकोण के अनुसार शिया समुदाय का आरम्भ पैग़म्बरे इस्लाम के देहांत के बाद के आरम्भिक दिनों से सम्बंधित है। इन दो दृष्टिकोणों के अतिरिक्त और दूसरे दृष्टिकोण भी पाए जाते हैं जिनके बारे में अलग अध्याय में चर्चा की जाएगी

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  • शिया के पारिभाषिक अर्थ

    अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम की बिला फ़स्ल इमामत (अर्थात इस्लामी ईशदूत के बाद, बिना किसी फ़ासले के आपको प्रथम श्रेणी में उनका उत्तराधिकारी स्वीकार करना) का विश्वास रखना इसलिए कि आप (अ.) दूसरे सहाबा अर्थात रसूले इस्लाम के सखागणों से सर्वोत्तम व सर्वश्रेष्ठ थे और रसूले इस्लाम ने आपको अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया था इसी के साथ इस बात का भी विश्वास रखना कि इमामत का क्रम आपकी संतानों में केवल हज़रत फ़ातिमा ज़हरा के वंश में जारी रहेगा और किसी और को इमामत का अधिकार नहीं है .............

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  • शिया परिभाषा की उत्पत्ति

    अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ.) का अनुसरण, आपको दूसरे अस्हाबे पैग़म्बर से सर्वोत्तम व सर्वश्रेष्ठ स्वीकार करने और आपसे प्यार व स्नेह का अभिव्यक्ति करने वाले मुसलमानों को शिया कहे जाने का इतिहास बहुत प्राचीन है इसका सम्बंध अहदे रिसालत अर्थात इस्लामी ईशदूत के युग से है..........

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  • शब्दकोष में शिया के अर्थ

    अरबी शब्दकोषों में शिया शब्द, किसी एक व्यक्ति या अनेक व्यक्तियों का किसी दूसरे का अनुसरण और आज्ञापालन करना, किसी की सहायता व समर्थन करना, तथा कथन या क्रिया में समझौते व समन्वयन के अर्थ में उपयोग किया जाता है।

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پیام رهبر انقلاب به مسلمانان جهان به مناسبت حج 1440 / 2019
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