सफेद मोतियाबंदि का एलाज

  • News Code : 283235

सफेद मोतियाबिंद के आपरेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले दो वषों के दौरान सफेद मोतिया की शल्य चिकित्सा से संबंधित एक और क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है जिसने रोगियों के उपचार को और भी सरल व सटीक बना दिया है। फेमटोसेकंड लेज़र इस क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लेकर आया है। इस लेजर तकनीक ने सफेद मोतियाबिन्द के उपचार में पूर्व-नियोजित यांत्रिक को भी नियमित कर दिया है। सूत्रों के अनुसार फेमटोसेकंड लेजर के अंतर्गत आंखों की एक उच्च विभेदन वाली छवि निर्मित होती है जो लेजर के लिए मार्गदर्शन देने का काम करती है। इसके परिणामस्वरूप कॉर्निया से संबंधित छेदन पूर्व नियोजित हो पाते हैं और लेजर सटीक पूर्वगामिता के साथ उनके संबंध में निर्णय करता है। अग्रवर्ती लेंस कैप्सूल, जिसे कैपसूलोरेक्सिस कहा जाता है, उसमें एक सुकेंद्रित, अनुकूलतम आकार का मामूली सा छिद्र किया जाता है और फिर लेंस को लेजर किरणों का प्रयोग करके नरम और द्रवित कर दिया जाता है। इसके पश्चात लेंस को छोटे कणों में तोड़ दिया जाता है। शल्य चिकित्सा की इस नई प्रक्रिया में चिकित्सक को सबसे अधिक लाभ यह होता है कि उसे लेंस को तराशने और काटने जैसे तकनीकी रूप से कठिन काम नहीं करने पड़ते जिनके कारण जटिलताएं पैदा हो सकती थीं। इसमें फेको-एमलसिफिकेशन ऊर्जा को 43 प्रतिशत कम कर दिया जाता है और फेको समय को 51 प्रतिशत घटाया जाता है तथा इससे आंखों के पहले वाली स्थिति में लौट आने की प्रक्रिया में तेजी आ जाती है। चिकित्सकों का कहना है कि इस लेजर प्रक्रिया के प्रयोग से घाव तेजी से भरते हैं और बेहतर दृष्टि क्षमता प्राप्त होती है, संक्रमण एवं अन्य जटिलताओं के पैदा होने का खतरा न के बराबर होता है। अधिकतर नेत्र सर्जन इसे अधिक सुरक्षित और सटीक मानते हैं। दुनिया भर के विशेषज्ञ इस बात को लेकर सहमत हैं कि इससे पहले के मुकाबले बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं और रोगियों की दृष्टि से भी फेमटोसेकंड लेजर अधिक आकर्षक एवं सुविधाजनक सिद्ध हुआ है। दुनियाभर में जहां कहीं भी सफेद मोतियाबिन्द के उपचार के लिए फेमटोसेकंड लेजर का परीक्षण किया गया है उसे नेत्र चिकित्सकों के साथ-साथ मोतियाबिंद से पीड़ित रोगियों का भी बड़ा समर्थन मिला है। (एरिब डाट आई आर के धन्यवाद के साथ)

......

166


*शहादत स्पेशल इश्यू*  शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी व अबू महदी अल-मुहंदिस
conference-abu-talib
We are All Zakzaky