पर्दे का फलसफा भाग 3

  • News Code : 249095
  • Source : अबना

3. अश्लीलता का इतना आम हो जाना और अवैध संतानें पैदा होना बेपरदगी का परिणाम है, जिसके बारे में चर्चा की आवश्यकता नहीं है, यह समस्या खासकर पश्चिमी देशों में इतनी स्पष्ट है जिसके बारे में बयान करना सूरज को चिराग दिखाने के समान है, सभी लोग इस तरह की चीजों के बारे में मीडिया से सुनते रहते हैं. हम यह नहीं कहते कि अश्लीलता और अवैध प्रजनन का मुख्य कारण यही बे हिजाबी है, हम यह नहीं कहते कि पश्चिमी माहौल और गलत राजनीतिक समस्याएं इसमें प्रभावी नहीं है, बल्कि हमारा कहना यह है कि नग्नता और बे परदगी उसके प्रभावी कारकों और कारणों में से एक है. अश्लीलता और अवैध संतानें पैदा होने की वजह से समाज में ज़ुल्म व सितम और खून खराबे में वृद्धि हुई है, जिसके दृष्टिगत इस खतरनाक समस्या के पहलू स्पष्ट हो जाते हैं. जब हम सुनते हैं कि एक रिपोर्ट के अनुसार इंग्लैंड में हर साल पांच लाख बच्चे अवैध तरीके से पैदा होते हैं, और जब हम सुनते हैं कि इंग्लैंड के कई बुद्धिजीवियों ने सरकारी पदाधिकारियों को यह चुनौती दी है कि अगर यह क्रम जारी रहा तो देश की शांति को खतरा है (उन्होंने नैतिक और धार्मिक समस्याओं के आधार पर यह चुनौती नहीं दी है (केवल इसलिए कि हराम ज़ादे बच्चे समाज के शांति के लिए ख़तरा बने हुए हैं, क्योंकि जब हमें मालूम होता है कि अदालत के मुकदमों में ऐसे लोगों का नाम पाया जाता है, तो वास्तव में इस समस्या के महत्व का अंदाज़ा होता है कि जो लोग धर्म को भी नहीं मानते हैं, इस बुराई के फैलने से वह भी परेशान हैं, अतः समाज में अवैध सम्बंधों को फैलाने वाली चीज़ें समाज की शांति के लिए ख़तरा होती है और उसके ख्रतरनाक परिणाम हर तरह से समाज के लिए हानिकारक हैं. प्रशिक्षण बुद्धिजीवियों की जाँच भी इसी बात को प्रदर्शित करती है कि जिन कॉलेजों में लड़के और लड़कियां एक साथ पढ़ते हैं या जिन संस्थाओं में पुरुष और महिलाएं एक साथ काम करते हैं और उन्हें हर तरह की स्वतंत्रता है तो ऐसे कॉलेजों में पढ़ाई कम होती है और संस्थानों में काम कम होता है और ज़िम्मेदारी का एहसास भी कम पाया जाता है. 4. बे परदगी और नग्नता स्त्री की महानता के पतन का भी कारण है, अगर समाज औरत को नग्न बदन देखना चाहे तो प्राकृतिक बात है कि हर दिन उसके श्रंगार की मांग बढ़ती जाएगी और प्रदर्शन में वृद्धि होती जाएगी, जब महिला यौन आकर्षण के आधार पर प्रचार का माध्यम बन जाएगी, क्लबों में मनोरंजक उपकरण होगी और पर्यटकों को आकर्षित करने का माध्यम बन जाएगी तो समाज में उसकी हैसियत खिलौने या अमूल्य धन और चीजों की तरह महत्वहीन हो जाएगी और उसकी मान मर्यादा का अंत हो जाएगा और उसका गर्व केवल उसकी जवानी, सुंदरता और आकर्षण तक सीमित होकर रह जाएगा. इस तरह से वह कुछ अपवित्र, कपटी और इंसान नुमा दरिंदों की उद्दण्ड वासना पूरी करने का साधन बन जाएगी!. ऐसे समाज में एक महिला अपने नैतिक गुण और ज्ञान की आवश्यकता को कैसे पूरा कर सकती है और कोई उच्च स्थान कैसे प्राप्त कर सकती है?! वास्तव में यह कितनी कष्टदायक बात है कि पश्चिमी देशों में स्त्री का महत्व कितना गिर चुका है खुद हमारे देश ईरान में क्रांति से पहले यह स्थिति थी कि नाम, शोहरत, धन और स्थान उन कुछ नापाक और बे लगाम महिलाओं के लिए थे जो'कलाकारों के नाम से प्रसिद्ध थीं, जहां वह कदम रखती थीं गंदे माहौल के लिए ज़िम्मेदार उनके लिए आंखें बिछा थे और उन्हें स्वागत कहते थे. अल्लाह का शुक्र है कि ईरान में वह सब गंदगी खत्म कर दी गई और औरत अपने इस दौर से निकल आई है जिसमें उसे रुसवा कर दिया गया था, और सांस्कृतिक खिलौने और अमूल्य चीज बनकर रह गई थी, अब उसने अपना स्थान और सम्मान फिर प्राप्त कर लिया है और अपने को पर्दे से ढक लिया है, लेकिन ऐसा नहीं है कि वह एकांतवास में जीवन व्यवतीत कर रही हो , बल्कि समाज के सभी उपयोगी और अनुकूल कार्यों में यहां तक कि युद्ध स्थल में इसी इस्लामी पर्दे के साथ बड़ी बडी सेवाएं अंजाम दे रही हैं.


پیام رهبر انقلاب به مسلمانان جهان به مناسبت حج 1440 / 2019
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