सुप्रीम लीडर के बयान की रौशनी में

पश्चिमी कल्चर में औरत की हैसियत

  • News Code : 393605
  • Source : विलायत डाट इन
अगर आप पश्चिम को औऱ पश्चिमी कल्चर को समझना चाहें तो उनके नारों से नहीं समझ सकते हैं, पश्चिमी कल्चर को उसके लिटरेचर से समझा जा सकता है.......

अगर आप पश्चिम को औऱ पश्चिमी कल्चर को समझना चाहें तो उनके नारों से नहीं समझ सकते हैं, पश्चिमी कल्चर को उसके लिटरेचर से समझा जा सकता है। जो लोग उनके लिटरेचर, उनकी कविताओं, उनके नाविल्ज़, उनकी कहानियों और उनके लिखे हुए नाटक पढ़ चुके हैं और उसकी जानकारी रखते हैं उन्हें पता होगा कि मध्ययुग से बीसवीं शताब्दी तक उनके यहाँ औरत को दूसरे दर्जे की चीज़ समझा जाता था। यानी वह जो धन दौलत साथ लाती थी उस पर मर्द का क़ब्ज़ा हो जाता था उसकी अपनी चीज़ पर उसका कोई अधिकार नहीं होता था। इसके पीछे उनकी यही सोच थी कि औरत की हैसियत यही है कि वह मर्द की सेवा में रहे। उसके बाद उन्हें कुछ होश आया और उन्होंनें औरत की आज़ादी का नारा लगाया लेकिन वह भी इस वजह से कि वह औरत को बाज़ार में लाकर अपने फ़ायदे के लिये इस्तेमाल करना चाहते थे। वहाँ के लीडरों और फ़्लास्फ़र्स नें औरतों पर एक एक अत्याचार यह किया कि उन्हें आज़ादी का झांसा देकर उसे ग़लत रास्ता दिखाया। उन्होंनें औरत से उसकी असलियत छीन ली और उसे यह समझाया कि उसकी असली पहचान यही है कि वह सज संवर कर बाज़ारों में आए मर्दों की आँखों को ठंढ़क पहुँचाए। यह पश्चिमी दुनिया की सबसे बड़ी भूल है जिन्होंनें यह समझा है कि औरत के लिये ज़रूरी है कि वह मर्दों को अपनी ख़ूबसूरती दिखाए ताकि नज़रें उसे देख कर मज़े लें। उनकी नज़र में अगर औरत मर्द के सामने सज धज के सामने न आए और यूँ ही सीधे साधे तरीक़े से बाहर निकले तो उनकी कोई हैसियत नहीं है वह एक फ़ालतू चीज़ है, क्या यह औरत का अपमान नहीं?पश्चिम में आज़ादी के नाम पर औरत से उसका कपड़ा भी छीन लिया, उसकी इज़्ज़त को नीलाम कर दिया जिसका नतीजा यह हुआ कि उनके यहाँ फ़ैमिली सिस्टम बिल्कुल टूट गया, पति पत्नी का एक दूसरे से भरोसा उठ गया। वहाँ किसी को अधिकार नहीं है कि वह अपनी पत्नी से कहे कि उसके दूसरे मर्द के साथ सम्बंध क्यों हैं? या औरत अपने पति को दूसरी औरतों के साथ सम्बंध रखने से नहीं रोक सकती क्योंकि उनके यहाँ यह सब कुछ आज़ादी में आता है। कल भी पश्चिम में औरतों के बारे में ग़लत सोच थी और आज भी ग़लत सोच पाई जाती है बस अंदाज़ बदल गया है।


پیام رهبر انقلاب به مسلمانان جهان به مناسبت حج 1440 / 2019
conference-abu-talib
We are All Zakzaky