इस्लामी जगत की कमज़ोरी का कारण आपसी विवाद।

  • News Code : 653751
  • Source : एरिब.आई आर
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ईरान की इस्लामी व्यवस्था हित संरक्षक परिषद के प्रमुख ने क़तर की न्यायपालिका के प्रमुख से भेंट में कहा है कि धार्मिक व आंतरिक मतभेदों ने इस्लामी समाज को आपस में उलझा दिया है और इस्लामी समाज कमज़ोर हुआ है।

ईरान की इस्लामी व्यवस्था हित संरक्षक परिषद के प्रमुख ने क़तर की न्यायपालिका के प्रमुख से भेंट में कहा है कि धार्मिक व आंतरिक मतभेदों ने  इस्लामी समाज को आपस में उलझा दिया है और इस्लामी समाज कमज़ोर हुआ है।  
आयतुल्लाह हाशिमी रफ़संजानी ने सोमवार की सुबह क़तर की न्यायपालिका के प्रमुख अली बिन फ़त्तीस अलमरी से भेंट में कहा कि क़तर एक मुसलमान और पड़ोसी देश है जिसके कारण ईरान की विदेश नीति में दोहा को विशेष महत्त्व प्राप्त है। उनका कहना था कि ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के आरंभ से ही हमारे क़तर की सरकार और जनता से अच्छे संबंध रहे हैं और हम संबंधों में विस्तार के इच्छुक हैं।  इस्लामी क्रांति हित संरक्षक परिषद ने पवित्र क़ुरआन की उस आयत का उल्लेख करते हुए जिसमें मुसलमानों के मध्य एकता पर बल दिया गया है, कहा कि विश्व के लगभग साठ देशों में एक अरब सत्तर करोड़ आबादी मुसलमानों की है और इस्लामी देश विभिन्न क्षेत्रों में अपार संभावनाओं के स्वामी हैं और इसीलिए वह क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फ़ैसला करने की पहली शक्ति में परिवर्तित हो सकते हैं।
आयतुल्लाह रफ़संजानी ने कहा कि इस्लामी देशों के अधिकारियों की ओर से सही नीति न आपनाए जाने के कारण फ़िलिस्तीनी जनता और इस्लामी देशों के संबंध में अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन के अत्याचार और दुसाहस में वृद्धि हो रही है। उन्होंने मुस्लिम देशों द्वारा अत्याचार ग्रस्त फ़िलिस्तीनी जनता पर अधिक ध्यान दिए जाने की मांग की।
अली बिन फ़त्तीस अलमरी ने इस अवसर पर कहा कि उनका देश ईरान से संबंधों के विस्तार का इच्छुक है और हमारे मध्य मतभेदों से अधिक समानताएं हैं।


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