• रोहिंग्या के नन्हे मोहम्मद ने आलेन कुर्दी की याद ताजा कर दी। + तस्वीरें

    सोशल मीडिया पर रोहिंग्या मुसलमान के नन्हे बच्चे की एक ऐसी तस्वीर प्रकाशित की गई है जिसे देखकर हर इंसान का दिल दुखी हो जाता है।

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  • सीरियन राजनीति विशेषज्ञ:

    हलब की जीत सऊदी अरब, कतर और तुर्की की शर्मनाक हार।

    सीरिया के एक राजनीतिज्ञ ने हलब शहर पर सीरियाई सेना और उसके सहयोगियों के नियंत्रण को तुर्की, सऊदी अरब, कतर और चरमपंथी आतंकवादी गुटों के अन्य समर्थक देशों की शर्मनाक हार बताया है।

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  • शेख नईम क़ासिम:

    आयतुल्लाह निम्र की शहादत सऊदी सरकार की नाकामी का प्रमाण।

    आयतुल्लाह शेख निम्र बाक़िर सऊदी अरब के वास्तविक प्रतिनिधि और फिलिस्तीन, बहरैन, लेबनान, इराक और सीरिया की मज़लूम जनता के वास्तविक समर्थक थे।

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  • अहलेबैत (अ) वर्ल्ड एसेम्बली का हुज्जतुल इस्लाम मौलाना मकसूद रिजवी के निधन पर शोक संदेश

    कश्मीर के बुजुर्ग धर्मगुरू हुज्जतुल इस्लाम वल मुसलेमीन सैयद मकसूद अली रिजवी के निधन पर अहलेबैत (अ) वर्ल्ड एसेम्बली ने एक शोक संदेश जारी किया है।

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  • आयतुल्लाह मकारिम शीराज़ी:

    दुनिया की राजनीति झूठ और पाखंड से भरी पड़ी है।

    शियों के मरजए तक़लीद आयतुल्लाह मकारिम शीराज़ी ने विश्व राजनीति की आलोचना करते हुए कहा है कि दुनिया की राजनीति झूठ और पाखंड से भरी पड़ी है।

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  • इराक़ी प्रधानमंत्री ने लगाई सऊदी अरब को फटकार, कहा इराक़ में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं।

    इराकी प्रधानमंत्री हैदर अलऐबादी ने आले सऊद के विदेश मंत्री के हालिया बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि सऊदी अरब अपनी समस्याओं का समाधान करे और इराक में दखल न दे।

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  • जर्मनी की 25 वर्षीय महिला ने इमाम रज़ा अ. के रौज़े में इस्लाम स्वीकार कर लिया।+तस्वीरें

    जर्मनी की 25 वर्षीय महिला '' हाना नलह '' ने इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के रौज़े में इस्लाम स्वीकार करने के बाद अपना नाम '' ज़हरा '' चुना

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  • अहलेबैत (अ) से मुहब्बत मुसलमानों के बीच एकता की धुरी बन सकती है।

    आयतुल्लाह अराकी ने इस्लामी समाज की संयुक्त पहचान बनने की ज़रूरत की ओर इशारा करते हुए कहा: अगर हम इस्लामी समाज की अपनी विशेष पहचान बना सकें तो हमें वैचारिक मतभेद से घबराना नहीं होगा क्योंकि सैद्धांतिक मतभेद समाज के विकास और तरक्की का कारण बनते हैं।

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  • ऑस्ट्रेलिया के सुन्नी मुफ्ती:

    इमाम खुमैनी ने बिना किसी भेदभाव के इस्लामी एकता को बढ़ावा दिया।

    इमाम खुमैनी ने बिना किसी भेदभाव और राष्ट्रवाद के इस्लाम, मुसलेमीन और इस्लामी एकता के लिए संघर्ष किया।

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  • ईरान में पैग़म्बर मोहम्मद (स.अ) नामक सैन्य अभ्यास का आरम्भ।

    इस्लामी रिपब्लिक ईरान की थलसेना ने मोहम्मद पैगंबर (स) 4 नामक सैन्य अभ्यास के दौरान अमेरिकी ध्वज वाले बख्तरबंद वाहनों पर तूफ़ान नामक मिसाइल से फायर किए हैं।

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  • भारत सहित पूरी दुनिया में ईदे मीलादुन्नबी (स) और एकता सप्ताह का आरम्भ।

    भारत और ईरान सहित पूरी दुनिया में ईदे मीलादुन्नबी (स) का जश्न और एकता सप्ताह बड़ी शान के साथ मनाया जा रहा है।

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  • इराक़ः चेहलुम 2016

    दुनिया के 3 करोड़ के सबसे बड़े और भव्य जुलूस का पश्चिमी मीडिया द्वारा बाईकॉट।

    इराक़ में इमाम हुसैन अ. के चेहलुम के अवसर पर दुनिया के सबसे बड़े और भव्य जुलूस के समाचार के महत्व के बावजूद हमें देखने को मिल रहा है कि पश्चिमी मीडिया चेहलुम से सम्बंधित समाचार को सेंसर कर रहा है और उसकी कोशिश है कि चेहलुम के समाचार को महत्व न देकर इस विशाल जनसमूह की अनदेखी की जाए और उसके महत्व को कम किया जाए।

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  • आयतुल्लाह ख़ामेनई:

    चेहलुम के दौरान जो भाईचारा, मित्रता, कृपा और प्रेम की भावना पैदा हुई उसको सुरक्षित रखा जाए।

    इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने अपने संबोधन में कहा कि अमरीकी सरकार ने अबतक समग्र परमाणु समझौते का कई बार उल्लंघन किया है।

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  • आशूर के दिन सैयद हसन नस्रुल्लाह का महत्वपूर्ण भाषण।

    मेरे भाई मैं अली का शिया हूं और कहता हूं कि अली अ. इन चीज़ों से पाक और बरी हैं।अली अ. इस अपमान और इन गुस्ताख़ियों से पाक और बरी हैं

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  • इमाम हुसैन अ. के कितने भाई कर्बला में शहीद हुए।

    कर्बला में जिन नेक और अच्छे इंसानों ने सह़ी और कामयाब रास्ते को अपनाया और अपने ज़माने के इमाम के नेतृत्व में बुरे लोगों के मुक़ाबले, अपनी ख़ुशी के साथ जंग की और शहीद हुए उनमें से कुछ वीर ह़ज़रत अली (अ.स) के बेटे भी थे जो अमीरूल मोमिनीन अ. की तरफ़ से इमाम ह़ुसैन अलैहिस्सलाम के भाई थे, इतिहास की किताबों में उनकी संख्या 18 बताई गई है।

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  • सऊदी अरब की बमबारी में 1000 से ज़्यादा अज़ादार शहीद और घायल।

    यमन की राजधानी सनआ में हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की मजलिस के दौरान सऊदी अरब के बर्बर, आपराधिक और आतंकी हवाई हमले में 700 यमनी शहीद और घायल हो गए हैं।

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  • ईदे मुबाहेला:

    इस्लाम व अहलेबैत की जीत का दिन।

    नजरान क्षेत्र के ईसाईयों के धार्मिक नेता एक चटान के ऊपर जाते हैं। बुढ़ापे के कारण उनके जबड़े और सफ़ेद दाढ़ी के बालों में कंपन है। वह कांपती हुई आवाज़ में कहते हैं कि मेरे विचार में मुबाहिला करना उचित नहीं होगा। यह पांच नूरानी चेहरे जिन्हें मैं देख रहा हूं अगर दुआ कर देंगे तो धरती में धंसे पहाड़ उखड़ जाएंगे। अगर मुबाहिला हुआ तो हमारी तबाही निश्चित है और यह भी आशंका है कि अल्लाह के अज़ाब समूचे दुनिया के ईसाई समुदाय को अपनी चपेट में ले ले।

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  • हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनईः

    दूसरे मज़हब वालों का अपमान, अहलेबैत अ. के चरित्र के विपरीत है।

    इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने कहा कि ग़दीर का महत्वपूर्ण संदेश इस्लाम में हुकूमत के नियम और प्रक्रिया के हिसाब से इमामत का निर्धारित करना है।

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  • सबसे बड़ी ईद,ईदे ग़दीर।

    ग़दीर मक्के से 64 किलोमीटर दूरी पर स्थित अलजोहफ़ा घाटी से तीन से चार किलोमीटर दूर एक जगह थी जहां तालाब था। इसके आस पास पेड़ थे। क़ाफ़िले वाले इसकी छाव में अपने सफ़र की थकान उतारते और साफ़ और मीठे पानी से अपनी प्यास बुझाते थे। समय बीतने के साथ यह छोटा सा तालाब एक अथाह झील में तब्दील हो गया कि जहां से हजरत अली अलैहिस्सलाम को पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही वसल्लम का जानशीन (उत्तराधिकारी) बनाए जाने की घटना का मैसेज पूरी दुनिया में फैल गया।

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  • अरफ़ा, दुआ, इबादत और अल्लाह के नज़दीक होने का दिन।

    दुआ इबादत की रूह है। जो इबादत दुआ के साथ होती है वह प्रेम और परिज्ञान को उपहार स्वरूप लाती है। दुआ ऐसी आत्मिक स्थिति है कि जो इंसान और उसके जन्मदाता के बीच मोहब्बत एवं लगाव पैदा करती है। दुआ से जीवन के प्रति सकारात्मक सोच पैदा होती है। पैग़म्बरे इस्लाम (स) फ़रमाते हैं, सर्वश्रेष्ठ इंसान वह है कि जो इबादत और दुआ से लगाव रखता हो।

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  • हज के अवसर पर सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई का बयान।

    हज का अवसर, वास्तव में गौरव, लोगों की नज़रों में प्रतिष्ठा, दिल के प्रकाशमय होने और रचयिता के सामने गिड़गिड़ाने व शीश नवाने की ऋतु है। हज, पवित्र, सांसारिक, ईश्वरीय व जन कर्तव्य है। एक ओर से अल्लाह को याद करो जैसे तुम अपने पूर्वजों को याद करते हो या उससे भी अधिक का आदेश, और दूसरी ओर यह कहा जाना कि हमने उसे लोगों के लिए समान बनाया है चाहे वह मक्का में रहने वाला हो या मरुस्थल में, हज के अनंत व विविधतापूर्ण आयामों को स्पष्ट करता है।

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  • हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई:

    इस्लामी दुनिया मक्के और मदीने के संचालन के बारे में ठोस उपाय सोचे।

    “सऊदी शासक, जिन्होंने इस साल ईरान के मोमिन श्रद्धालुओं के लिए ईश्वर के घर जाने का मार्ग बंद कर दिया है, भ्रष्ट हैं, वे समझते हैं कि साम्राज्यवादियों की इच्छा पूरी करने और अमरीका तथा ज़ायोनियों से हाथ मिलाने से उनकी सत्ता बाक़ी रहेगी और इस मार्ग में वे किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार में संकोच नहीं करते। वे बुराई फैलाने वाले शासक हैं जिन्होंने तकफ़ीरी गुटों का गठन करके और उन्हें हथियारों से लैस करके इस्लामी जगत को आंतरिक लड़ाई में ढकेल दिया है।

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  • हाजियों के नाम हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई का संदेश।

    जिन लोगों ने हज के महत्व को घटा कर उसे केवल एक घूमने फिरने के लिए की जाने वाली यात्रा समझ लिया है और जो ईरान के मोमिन और क्रांतिकारी राष्ट्र से अपनी दुश्मनी और द्वेष को, हज को राजनीतिक रंग दिए जाने जैसी बातों के पर्दें में छुपा रहे हैं वह वास्तव में ऐसे छोटे व तुच्छ शैतान हैं जो बड़े शैतान अमरीका के हितों को ख़तरे में पड़ते हुए देख कर कांपने लगते हैं। सऊदी अधिकारी जो इस साल अल्लाह की राह और काबे के रास्ते में रूकावट बने हैं और जिन्होंने ईरानी हाजियों को काबा जाने से रोक दिया, वास्तव में काली करतूतों वाले भ्रष्ट शासक हैं जो अपनी अन्यायपूर्ण सत्ता को, विश्व साम्राज्य के समर्थन, ज़ायोनिज़्म और अमरीका के साथ दोस्ती और उनके आदेशों के पालन पर निर्भर समझते हैं और इसके लिए किसी भी तरह की ग़द्दारी में ज़रा भी संकोच नहीं करते।

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  • अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली अ. और हज़रत ज़हरा की शादी।

    एक सफल वैवाहिक जीवन के लिए ज़रूरी है कि घर की जिम्मेदारियां और काम बाट लिए जाएँ। कछ काम पति के जिम्मे हों और कुछ पत्नी के जिम्मे। ताकि सारा बोझ एक के कंधों पर न पड़े। अलबत्ता इसका मतलब यह नहीं है कि वह उन जिम्मेदारियों में एक दूसरे का साथ न दें और एक दूसरे का सहयोग न करें बल्कि ज़रूरी है कि जहां पति पत्नी के कामों में उसका हाथ बंटा सकता है, उसका हाथ बटाए और अगर पत्नी पति के कामों में उसकी मदद कर सकती है तो ज़रूर करे.........................

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  • एक सात साल का बच्चा इमाम कैसे हो सकता है?

    बग़दाद के अस्सी उलमा और बुज़ुर्गों ने जब हज के मौसम में इमाम मोहम्मद तक़ी अ. से मुलाक़ात की तो आपने उनके हर सवाल का जवाब दिया और उनके लिए साबित हो गया कि आप वास्तव में इमाम हैं और मामून ने आपकी कमसिनी के बावजूद जब आपको अपना दामाद बनाया तो अब्बासियों की ओर से आलोचना हुई कि तुमने उन्हें अपना दामाद क्यों बनाया है? तो मामून ने कहा: मैं उनके इल्म और गुणों को देखते हुए उन्हें अपना दामाद बनाया है और फिर बड़े बड़े उलमा......

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  • हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई:

    रासायनिक और परमाणु हथियारों को छोड़, हर प्रकार के सैन्य उपकरणों में विस्तार किया जाए।

    आयतुल्लाह ख़ामेनई ने इस्लामी रिपब्लिक ईरान की स्ट्राटेजिक पोज़ीशन, पश्चिम एशिया क्षेत्र की संवेदनशील स्थिति और इस क्षेत्र में वर्चस्ववादी शक्तियों की उत्सुक व लालची नज़रों की ओर इशारा करते हुए कहा कि देश व राष्ट्र और भविष्य की सुरक्षा को निश्चित बनाने के लिए रक्षात्मक क्षमता बढ़ाने के साथ साथ हमला करने की क्षमता में भी वृद्धि करने की ज़रूरत है.............

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  • ईरान के "नज़ीर" नामक अत्याधुनिक रडार प्रणाली का विमोचन।

    ईरान के ख़ातेमुल अंबिया एयर डिफ़ेंस हेडक्वार्टर के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल फरज़ाद इस्माइली ने कहा है कि ईरान के "नज़ीर" नामक अत्याधुनिक रडार प्रणाली एक बेमिसाल रडार प्रणाली है। उन्होंने बताया कि इस रडार सिस्टम से बचकर और उसकी रेंज में आए बिना कोई भी उड़ने वाली चीज़ ईरान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकती।

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  • तुर्की सरकार ने दी महिला पुलिस कर्मियों को इस्लामी पर्दे में रहने की अनुमति।

    तुर्की सरकार द्वारा जारी किए गए फरमान में कहा गया है कि महिला पुलिस अधिकारी ड्यूटी के समय में अपने वर्दी में स्कार्फ का इस्तेमाल कर सकती हैं और स्कार्फ, पुलिस कैप के नीचे बांध सकती हैं।

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  • ईरान:

    रियो ओलंपिक चैंपियन को हज़रत मासूमा स. के हरम में सम्मानित किया गया।

    रियो ओलंपिक में गोल्ड मेडिल जीतने वाले ईरानी वेट लिफ़टर कियानोश रुस्तमी ने क़ुम में हज़रत फातिमा मासूमा स. के हरम के मुतवल्ली आयतुल्लाह सईदी से हरम के मानद सेवक बनने का निशान हासिल किया। कियानोश रुस्तमी ने हज़रत फ़ातिमा मासूमा स. के हरम की ज़ियारत के बाद हरम के मुतवल्ली आयतुल्लाह सईदी से मुलाकात की..................

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Quds cartoon 2018
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