इस्राईल द्वारा पवित्र मस्जिदुल अक़्सा के अनादर की निंदा।

  • News Code : 702855
  • Source : एरिब.आई आर
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मिस्र की अलअज़हर यूनिवर्सिटी के सबसे बड़े मुफ़्ती ने इस्राईल द्वारा पवित्र मस्जिदुल अक़्सा के अनादर की निंदा की है।

मिस्र की अलअज़हर यूनिवर्सिटी के सबसे बड़े मुफ़्ती ने इस्राईल द्वारा पवित्र मस्जिदुल अक़्सा के अनादर की निंदा की है।
शैख़ अहमद तय्यब ने सोमवार को अपने एक बयान में, इस्राइली सैनिकों द्वारा फ़िलिस्तीनियों को मस्जिदुल अक़्सा में नमाज़ पढ़ने से रोकने के क़दम की निंदा की। उन्होंने इसी प्रकार ज़ायोनी पुलिसकर्मियों के फ़िलिस्तीनी बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के ख़िलाफ़ मस्जिदुल अक़्सा के प्रांगण में हिंसक व्यवहार की भी निंदा की। अलअज़हर के मुफ़्ती ने कहा कि इस्राईल का यह क़दम उन सभी आसमानी धर्मों की शिक्षाओं के ख़िलाफ़ है जिनमें विभिन्न धर्मों के अनुयाइयों को एक साथ मिलकर शांति से रहने की सिफ़ारिश की गयी है।
अलअज़हर यूनिवर्सिटी के मुफ़्ती ने यह बयान, फ़िलिस्तीनी नमाज़ियों और इस्राइली पुलिस के बीच झड़पों के एक दिन बाद जारी किया। ज्ञात रहे कि रविवार को इस्राइली पुलिस द्वारा अलक़ुद्स के प्राचीन भाग में स्थित पवित्र मस्जिदुल अक़्सा का अनादर किए जाने के बाद, फ़िलिस्तीनी नमाज़ियों और ज़ायोनी पुलिस कर्मियों के बीच गंभीर झड़पें हुई थीं। इस झड़प में दसियों फ़िलिस्तीनी नमाज़ी घायल हुए।  झड़पों के दौरान ज़ायोनी पुलिस ने कम से कम 6 फ़िलिस्तीनियों का अपहरण कर लिया।
मिस्र के अलअज़हर यूनिवर्सिटी के सबसे बड़े मुफ़्ती शैख़ अहमद तय्यब ने कहा कि ज़ायोनी शासन के इस क़दम से पूरी दुनिया में मुसलमानों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने विश्व समुदाय से अपील की है कि वह ज़ायोनियों के भड़काउ क़दम को रुकवाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करे।


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