इदलिब के आतंकवादी, भड़काऊ कार्यवाही कर रहे हैंः पुतीन

इदलिब के आतंकवादी, भड़काऊ कार्यवाही कर रहे हैंः पुतीन

सीरिया के बारे में तेहरान सम्मेल को संबोधित करते हुए रूस के राष्ट्रपति विलादीमीर पुतीन ने सीरिया में अतिशीघ्र पुनर्निमाण की प्रक्रिया शुरु किए जाने पर बल दिया।

रूसी राष्ट्रपति विलादीमीर पुतीन ने कहा कि इस समय सीरिया का 90 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र और 141 से अधिक शहर आतंकवादियों के नियंत्रण से स्वतंत्र हो चुके हैं।

राष्ट्रपति पुतीन का कहना था कि बाक़ी बचे आतंकवादी गुट इदलिब में एकत्रित हो गये हैं और यह आतंकवादी गुट संघर्ष विराम का तबाह करना चाहते हैं और रासायनिक हथियारों का प्रयोग करके भड़काऊ कार्यवाही अंजाम दे रहे हैं।

उनका कहना था कि इस प्रकार के सम्मेलनों ने सीरिया के राजनैतिक समाधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलताएं अर्जित की हैं और ऐसी उचित परिस्थितियां उपलब्ध कराई हैं कि अब सीरिया की जनता अपनी मर्ज़ी से अपने भविष्य का फ़ैसला स्वयं कर सकेगी।

रूसी राष्ट्रपति ने सीरियाई शरणार्थियों की वापसी की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ईरान और तुर्की ने भी हमारे दृष्टिकोण का समर्थन किया है, हम उनका आभार व्यक्त करते हैं।

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान, रूस और तुर्की के प्रयासों से सीरिया में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल हुई है और हम आशा करते हैं कि जब तक सीरिया का मामला पूरी तरह से हल नहीं हो जाता, इस प्रकार के सम्मेलनों का क्रम जारी रहेगा।

उन्होंने इदलिब की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सीरियाई सरकार का हक़ है कि पूरे देश पर उसका नियंत्रण हो। उनका कहना था कि इदलिब में मौजूद आतंकवादियों के ड्रोन हमलों की अनदेखी नहीं की जा सकती, अलबत्ता वहां आम नागरिकों की आबादी के दृष्टिगत समस्त पहलूओं को दृष्टिगत रखना होगा।

दूसरी ओर तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यब अर्दोग़ान ने भी तेहरान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि तीनों देश, सीरिया की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा और सीरिया संकट को राजनीतिज्ञ मार्ग द्वारा हल करने पर बल देते हैं।

उन्होंने कहा कि अंकारा की सरकार अपने ईरानी और रूसी मित्रों की चिंताओं को समझती है।

तुर्क राष्ट्रपति ने सीरिया में अमरीकी भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि अमरीका, फ़ुरात नदी के तटों पर एक आतंकवादी गुट की मदद कर रहा है और अमरीकी मदद की वजह से यह आतंकवादी गुट शक्तिशाली हो रहा है।

तेहरान बैठक के बाद तीनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों की ओर से एक संयुक्त बयान भी जारी किया गया जिसमें सीरिया की स्वतंत्रता और स्वाधीनता, अखंडता तथा संप्रभुता की रक्षा पर बल दिया गया।

12 अनुच्छेदों पर आधारित इस बयान में ईरान, रूस और तुर्की के राष्ट्रपतियों ने दाइश, नुस्रा फ़्रंट और अलक़ायदा, या दाइश और अलक़ायदा से जुड़े उन सभी गुटों की तबाही तक कि जिन्हें संयुक्त राष्ट्र संघ ने आतंकवादी क़रार दे रखा है, अपना परस्पर सहयोग जारी रखने का संकल्प दोहराया है।

संयुक्त बयान में इस बात पर भी बल देकर कहा गया है कि सीरिया संकट केवल राजनैतिक वार्ता द्वारा ही हल हो सकता है। 


अपना कमेंट भेजें

आपका ईमेल शो नहीं किया जायेगा. आवश्यक फ़ील्ड पर * का निशान लगा है

*

आशूरा: सृष्टि का राज़
सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई का हज संदेश
We are All Zakzaky