आतंकियों की नाकाबंदी में घिरी इद्लिब की जनता को आज़ाद कराना, सीरिया का सार्वभौमिक अधिकार है, जाफ़री

आतंकियों की नाकाबंदी में घिरी इद्लिब की जनता को आज़ाद कराना, सीरिया का सार्वभौमिक अधिकार है, जाफ़री

संयुक्त राष्ट्र संघ में सीरिया के प्रतिनिधि बश्शार जाफ़री ने कहा है कि दमिश्क़ को इद्लिब में कार्यवाही का सार्वभौमिक अधिकार है।

बश्शार जाफ़री ने कहा कि आतंकियों के नियंत्रण वाले इद्लिब प्रांत में आतंकवादी धड़ों के ख़िलाफ़ सैन्य कार्यवाही तथा पश्चिमोत्तरी क्षेत्र को आज़ाद कराना अरब देश सीरिया का सार्वभौमिक अधिकार है और यह कार्यवाही आतंकवाद के ताबूत में आख़िरी कील साबित होगी।

शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए जो इद्लिब में संभावित सैन्य कार्यवाही पर चर्चा के लिए आयोजित हुयी थी, जाफ़री ने कहा कि दमिश्क़ के कार्यवाही करने के अधिकार की अंतर्राष्ट्रीय क़ानून, संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणा पत्र और आतंकवाद के ख़िलाफ़ सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव से भी पुष्टि होती है।

बश्शार जाफ़री ने कहाः "इद्लिब में कार्यवाही दसियों लाख सीरियाई नागरिकों ख़ास तौर पर आतंकियों की नाकाबंदी में घिरी इद्लिब की जनता की इच्छा का पालन होगा।"

सीरिया के दूत ने कहा कि इद्लिब में आतंकियों के समर्थक कुछ पक्ष आतंकियों को बचाने और उनकी इक्सपायरी डेड को आगे बढ़ाने के लिए छटपटा रहे हैं ताकि वे आतंकियों को दूसरे देशों में भेज सकें और उन्हें मध्यमार्गी विपक्ष के रूप में पेश कर सकें।

ईरान, रूस और लेबनान के हिज्बुल्लाह संगठन की मदद से सीरियाई सेना इद्लिब को आतंकियों के वजूद से पाक करने की तय्यारी कर रही है। इद्लिब की सीमा तुर्की से मिलती है और यह तटवर्ती लाज़ेक़िया प्रांत के निकट है इसलिए इद्लिब रणनैतिक दृष्टि से अहमियत रखता है। 


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