बहरैनी सुरक्षा बलों द्वारा आयतुल्लाह शेख ईसा कासिम के घर पर हमले की प्रतिक्रिया में वर्ल्ड अहलेबैत असेम्बली ने जारी किया बयान।

बहरैनी सुरक्षा बलों द्वारा आयतुल्लाह शेख ईसा कासिम के घर पर हमले की प्रतिक्रिया में वर्ल्ड अहलेबैत असेम्बली ने जारी किया बयान।

आज बहरैन में घटित होनी वाली घटनाओं और आयतुल्लाह शेख़ ईसा क़ासिम के घर पर हमले के विरोध में वर्ल्ड अहलेबैत असेम्बली ने बहुत सख़्त बयान दिया है।

अहलेबैत समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार आज बहरैन में घटित होनी वाली घटनाओं और आयतुल्लाह शेख़ ईसा क़ासिम के घर पर हमले के विरोध में वर्ल्ड अहलेबैत असेम्बली ने बहुत सख़्त बयान दिया है।
वर्ल्ड अहलेबैत अ. असेम्बली का बयान इस प्रकार है।
بسم الله قاصم الجبارین مبیر الظالمین
«فمَن اعتدَی عَلَیکم فَاعتَدُوا علیه بمثلِ ما اعتدی علیکم». (سوره بقره، آیه 194)
लगभग एक साल तक धमकाने डराने के बाद अनंनततः आले खलीफ़ा की अत्यारी हुकूमत के सशस्त्र सुरक्षा बलों ने आज सुबह “अल-दराज़” क्षेत्र के निहत्थे लोगों पर हमला कर वरिष्ठ धर्मगुरू का घोर अपमान किया है।
अमेरिका और जायोनियों के भाड़े के सैनिकों द्वारा किए गए आज के इस के हमले में एक बेबस व निहत्था बहरैनी शहीद और दसियों अन्य घायल हो गए हैं।
इस समय जब संचार सुविधाएं ठप और क्षेत्र सेना का अखाड़ा बना हुआ है आयतुल्लाह शेख़ ईसा क़ासिम का अपमान हुआ है और आले ख़लीफा के जल्लादों ने शेख़ ईसा क़ासिम के घर में प्रवेश कर उन्हें अपने क़ब्ज़े में ले लिया है और उनकी ताज़ा स्थिति के बारे में कोई सूचना नहीं है।
वर्ल्ड अहलेबैत असेम्बली जो इंटरनेशनल एन जी ओ और ग़ैर सरकारी संगठन है तथा इस्लामी दुनिया के सैकड़ों प्रसिद्ध और एलीट हस्तियां जिसका मिम्बर हैं, आले खलीफ़ा तानाशाही की इस ताज़ा कार्यवाही की कड़ी शब्दों में निंदा करता है।
इसी प्रकार असेम्बली दुनियावासियों से अपील करती है कि इन बातों पर ध्यान दें।
1.     बहरैन की तानाशाह हुकूमत की ताज़ा कार्यवाही, अंतर-राष्ट्रीय संगठनों और विश्व नेताओं की चुप्पी की नतीजा है। अगर बहरैन की तानाशाह हुकूमत द्वारा पिछले 6 वर्षों से अब तक की जाने वाली हत्याओं, यातनाओं, अंगहीन करने , सताने, तड़पाने, जेल भेजने, बेघर करने, निर्वासन और मज़लूम व पीड़ित लोगों की नागरिकता छीनने जैसे घोर अपराधों पर कोई ठोस कदम उठाते तो आज उसमें इतना साहस पैदा न होता कि दुनिया के एक शरीफ़ और सम्मानित व्यक्ति का अपमान न करें।
2.    बहरैनी शासन ने एक साल पूर्व सभी अंतर-राष्ट्रीय क़ानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए आयतुल्लाह शेख़ ईसा क़ासिम और 470 से अधिक अकादमिक, सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों की नागरिकता रद्द कर दी और अत्याधिक बार कोशिश की उन पर चार्ज लगाए और उन्हें गिरफ़्तार करे लेकिन 24 घंटे जनता की उपस्थिति के कारण उनमें ऐसा करने का साहस नही हुआ। लेकिन आज और अमेरिका के घृणित राष्ट्रपति की सऊदी अरब की यात्रा और आतंकवाद से मुक़ाबले के शीर्षक से आयोजित होने वाले दिखावटी सम्मेलन के बाद उसमें यह हिम्मत पैदा हो गई ऐसा क़दम उठाए।
3.    इसलिए आयतुल्लाह शेख ईसा क़ासिम की जान की ज़िम्मेदारी प्रत्यक्ष रूप से अमेरिका और सऊदी अरब के अधिकारियों के कांधों पर है जिन्होंने गत वर्षों में अपने खुल्लम खुल्ला समर्थन और सेना भेजने तथा सैन्य सलाहकारों द्वारा बहरैन की सत्तारूढ़ सरकार में अपने एजेंटों का अंधा समर्थन किया है।
4.    बहरैन की जनता और उत्साही जवानों की संख्या अगरचे कम है लेकिन साहसी और वीर हैं। वह जिस तरह गत 11 महीनों में अद्भुत और अद्वितीय साहस का प्रदर्शन करते हुए अपने प्रिय नेता को अपने घेरे में लिए रहे आज भी अपने हमेशा के नारे “अंतिम सांस तक प्रतिरक्षा” के साथ धर्म व समाज के वास्तविक सेवक को अकेला नहीं छोड़ेंगे।
5.    अंत में हम चेतावनी देते हैं कि अगर संयुक्त राष्ट्र संघ, इस्लामी सहयोग संगठन, योरोपीय यूनियन, विश्व नेताओं, अंतर-राष्ट्रीय संगठनों और मानवाधिकार संगठनों ने आयतुल्लाह ईसा क़ासिम की बिना शर्त रिहाई के लिए तुरंत और प्रभावी क़दम नहीं उठाया तो इस देश में इंतेकाम की आग भड़क उठेगी जिसके शोले पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लेंगे।

वर्ल्ड अहलेबैत अ. असेम्बली
23 मई 2017


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